रासलीला में प्रस्तुति देते कलाकार।
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बाह। बटेश्वर मेले के सांस्कृतिक मंच पर रविवार को रासलीला में महारास का आयोजन हुआ। ब्रजराज राजेश्वरी रासलीला वृंदावन के सुरेश कुमार ब्रजवासी ने बताया कि महारास कृष्ण का गोपियों के साथ किया गया विशेष नृत्य है। जिसमें कृष्ण हर गोपी के साथ नृत्य करते हैं। महारास की प्रस्तुति के जरिए जीवात्मा और परमात्मा के मिलन का संदेश दिया गया। ब्रज के गीतों के साथ मोहिनी, गोपी का अर्थ गो यानी इंद्रियां और पी यानि कृष्ण रस का पान करना ही गोपी साध का नाम है। रासलीला में ब्रज के लोक गीतों पर कलाकारों मोहिनी, राधिका, करतार, कौशल, प्रेम, कान्हा आदि के नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। पंडाल राधे राधे के घोष से गूंज उठा। संवाद