लहरपुर (सीतापुर)। जिले में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) ने दस्तक दी है। जेई से पीड़ित एक प्रगतिशील किसान की लखनऊ स्थित संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई।
वहीं पीड़ित के गांव से एक किलोमीटर दूसरा संक्रमित मरीज भी मिला है। हालांकि पीजीआई से इलाज के बाद अब वह स्वस्थ होकर घर लौट आई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर मरीजों की जांच की।
शरिफपुर कसमंडा मजरा बाकरनगर निवासी किसान युगल किशोर (59) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने पहले निजी चिकित्सक से इलाज कराया। कोई फायदा न होने पर एसजीपीजीआई में दिखाया। चिकित्सकों ने वहां पर जांच के बाद जापानी इंसेफेलाइटिस होने की पुष्टि की थी। एक माह के इलाज के बाद शनिवार को युगल किशोर की मौत हो गई। पीड़ित युगल के गांव से करीब एक किलोमीटर दूर भी संक्रमण पहुंच गया है।
ग्राम जीतमऊ निवासी अंजू सिंह भी जापानी इंसेफेलाइटिस से ग्रसित हैं। परिजनों ने बताया कि बुखार के बाद लगातार प्लेटलेट्स गिर रही थीं। 18 हजार तक प्लेटलेट्स पहुंचने पर खैराबाद के बीसीएम अस्पताल से केजीएमयू रेफर कर दिया गया था। अब वह स्वस्थ होकर शनिवार को घर लौट आईं। स्वास्थ्य विभाग को जानकारी मिलने पर गांव में शिविर लगाया गया। शिविर में जांच के बाद कोई मरीज पॉजिटिव नहीं मिला। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरविंद बाजपेयी ने बताया कि जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि होने के बाद गांव में टीम ने पहुंचकर जांच की है। गांव के अन्य लोगों की भी जांच होगी।