सोसायटी के लोगों ने बताया कि शहीद रोहित की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। उनकी डेढ़ साल की बेटी भी है। करीब चार साल से परिवार सोसायटी में रह रहा है। जब उनकी पोस्टिंग नजदीक होती थी तो पत्नी को साथ ले जाते थे। जब दूर होती थी तो यहीं छोड़कर जाते थे। उनकी बहन भी शादीशुदा है।
रक्षाबंधन पर छुट्टी लेकर आए थे ग्रेनो वेस्ट
शहीद मेजर रोहित कुमार रक्षाबंधन पर ग्रेनो वेस्ट में अपने परिवार के पास आए थे। पड़ोसियों ने बताया कि यहां पर करीब 20 दिन रूके थे। परिवार काफी खुश था। हालांकि इस दौरान वो सोसायटी के लोगों से ज्यादा नहीं मिल सके।
कैंडल जलाकर दी शहीद मेजर को दी श्रद्धांजलि
सोसायटी के निवासियों को मेजर रोहित कुमार के शहीद होने की जानकारी मिली तो वे स्तब्ध रह गए। सोसायटी के व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचना आग की तरह फैल गई। रात दस बजे श्रद्धांजलि सभा रखी गई। सोसायटी के मार्ट के पास कैंडल जलाकर निवासियों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। निवासियों ने बताया कि शहीद रोहित कुमार और उनका परिवार काफी मिलनसार था। सोसायटी के लोगों से अच्छे से बात करते थे। मिल जुलकर रहते थे, लेकिन किसी ने परिवार को ऐसा दुख मिलने का नहीं सोचा था।
बेटे के लिए लाते थे काजू बादाम व चॉकलेट
संजय गौतम शहीद मेजर रोहित के पड़ोसी है। संजय गौतम ने बताया कि रोहित और उनका परिवार बहुत मिलनसार है। रोहित जब भी घर पर आते थे तो उनके बेटे के लिए काजू, बादाम और चॉकलेट लेकर आते थे। रक्षाबंधन पर भी काफी कुछ लेकर आए थे। उनके शहीद होने का समाचार सुनकर यकीन नहीं हो रहा है। काफी दुुखी हू।