पुन्हाना। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली जलजीवन मिशन योजना से नूंह और पलवल जिले के 690 गांवों के लोगों को वर्ष 2024 तक हर घर में पानी की टूटी लगाकर हर व्यक्ति को 55 लीटर पानी प्रतिदिन मिल सकेगा। योजना को दोनों जिलों में पहली अप्रैल से लागू करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग काम कर रहा है और 31 मार्च तक सभी गांवों का सर्वे पूरा करने के लिए सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर जनक ने दोनों जिलों के अधिकारियों को आदेश दिए हैं। विभाग के अधिकारियों ने 150 गावों में सर्वे पूरा किया है।
जन स्वास्थ्य विभाग की रेनीवेल परियोजना के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर जनक राज ने बताया कि हर व्यक्ति को 2024 तक 55 लीटर पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन परियोजना शुरू की है। इस योजना में जहां प्रदेश के अन्य जिलों को भी शामिल किया गया है वहीं नूंह व पलवल जिले के रेनीवेल परियोजना डिवीजन के 690 गांव में योजना को पूरा करने के लिए उनके विभाग ने पूरी तैयारियां शुरू कर दी है। इस संबंध में संबंधित विभाग के कार्यकारी अभियंता, एसडीओ व जेई समेत अन्य अधिकारियों को आदेश दे दिए गए हैं उन्होंने बताया कि इस योजना का से पानी की बर्बादी को रोका जाएगा और वर्ष 2024 तक हर व्यक्ति को प्रतिदिन 55 लीटर साफ पीने का पानी मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि अब तक जिले के करीब 150 गांव में सर्वे पूरा गया है जबकि बाकी गांव में 31 मार्च तक इसे पूरा कर लिया जाएगा उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत गांव के हर गली मोहल्ले में नई पाइप लाइन डाली जाएगी और वही गांव में हर घर के सामने एक टूटी लगाई जाएगी जिससे परिवार को पीने का पानी मिल सकेगा और पानी की बर्बादी भी नहीं हो सकेगी।
योजना के रखरखाव के लिए बनेगी कमेटी
जल जीवन मिशन योजना को प्रभावित तौर से लागू करने के लिए इस योजना के तहत गांव में विलेज वॉटर सेनिटेशन कमेठी (वी डब्ल्यू एस सी) का गठन किया जाएगा इस कमेटी में करीब 12-23 सदस्य शामिल होंगे जिनके पास वित्तीय अधिकार भी होंगे। इस कमेटी में गांव का मौजूदा सरपंच, पूर्व सरपंच लंबरदार, कनिष्ठ अभियंता गांव के स्कूल महिला अध्यापक, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता सहित अन्य लोग शामिल होंगे। यही कमेटी ही तय करेगी कि गांव के लोगों से कितना पैसा लिया जाएगा। यह पैसा रिपेयरिंग आदि काम पूरे करने पर खर्च करेंगे