8.40 लाख लोगों पर बैंकों का 61488 करोड़ का कर्ज
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर की बड़ी आबादी बैंक के कर्जे में डूबी है। बैंक अफसरों की समीक्षा में सामने आया है कि जिले के 8.40 लाख लोगों पर बैकों का 61488 करोड़ रुपये कर्जा है। बता दें कि गौतमबुद्ध नगर आधुनिक शहरों की श्रेणी में गिना जाता है। अधिकांश लोग नौकरीपेशा वाले हैं। लिहाजा यहां बैंकों पर लोगों की निर्भरता अधिक रही है। इसकी खुलासा खुद बैंक अफसरों की समीक्षा में हुआ है। अधिकारियों ने अभी तक ऋण देने का डाटा खंगाला तो वह 61 हजार करोड़ पार कर गया। किसानों पर करीब 1276 करोड़ बैंक का लोन है। वहीं, लघु उद्यमियों पर 8316 करोड़ रुपया कर्ज है। ऑटो सेक्टर पर भी बैंकों का मोटा लोन है। नौकरीपेशा वाले भी बैंक के कर्ज तले दबे हैं। कुल मिलाकर बैंकों की मोटी रकम कर्जे के रूप में लोगों पर हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिले में 49 बैंकों की 489 शाखाएं हैं। इन बैंकों में खातों की संख्या 9.03 लाख हैं, जबकि 6.27 लाख सक्रिय खाते हैं। वहीं, 2.76 लाख खातों को निष्क्रिय घोषित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सक्रिय खातों पर ही बैंकों का लोन है।
एक व्यक्ति ने 3 से चार लोन ले रखे
वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक, जिले की आबादी 16.74 लाख है। अफसर संभवत: चार से पांच लाख आबादी और बड़ी हुई मानकर चल रहे हैं। जिले के 8.40 लाख लोगों पर बैंकों का कर्जा होना बड़ी बात है। बैंक अफसरों का कहना है कि 8.40 लाख लोगों पर बैंक लोन होने की बात सामने आ रही है। वास्तविकता में स्थिति यह है कि एक ही व्यक्ति ने कार, घर समेत वस्तुओं पर भी लोन ले रखा है। ऐसे में एक व्यक्ति की गणना तीन जगह होगी।
संपत्ति जब्त करने तक की होती है कार्रवाई
बैंक अफसरों का कहना है कि बैंक का लोन व्यक्ति की आर्थिक साख भी तय करता है। अगर कोई व्यक्ति समय से लोन की किश्त जमा करता रहता है तो उसकी सिविल (बैंक की भाषा में साख) अच्छी हो जाती है। भविष्य में लोन आसानी से मिल जाता है। किश्त जमा नहीं करने पर सिविल बिगड़ जाती है और भविष्य में लोन मिलने की संभावना कम हो जाती है। किश्त जमा नहीं करने वालों को बैंक नोटिस जारी कर वसूली करता है। संपत्ति जब्त करने तक की कार्रवाई कर दी जाती है।
जिले में 8.40 लाख लोगों पर 61488 करोड़ रुपये बैंकें का कर्ज है। हालांकि, एक व्यक्ति ने कई लोन ले रखे हैं। ऐसे में सटीक खातों का अनुमान लगाना मुश्किल है। वसूली की कार्रवाई बैंक स्तर से समय-समय पर होती रहती है।
- वेदरतन, लीड बैंक मैनेजर, गौतमबुद्ध नगर