पानीपत। सनातन धर्म महाबीर दल की ओर से हनुमान जयंती पर आयोजित वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन हरिद्वार से आएगीता व्यास डाॅ. स्वामी दिव्यानंद महाराज ने कथा में आने वाले चरित्रों के बारे में बताया। मुख्य अतिथि समाजसेवी अशोक व उल्लास नारंग ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। दिव्यानंद महाराज ने कहा कि कथा के कथन को जीवन में धारण करना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि अतुलित बलशाली, कुशल वक्ता, निष्ठावान, पूर्ण ज्ञानी, समर्पित ही अच्छा सेवक हो सकता है न कि कोई भी सेवक हो जाए। यह ठीक है कि सत्संग सौभाग्य से मिलता है लेकिन यह सब तभी ठीक होगा यदि हमारे पास सत्संग श्रवण करने की सूक्ष्म कला भी हो। इस मौके पर प्रधान हेमंत लखीना, पंकज सेठी, अशोक चुघ, संत लाल जुनेजा, महिंद्र जुनेजा, अमित जुनेजा, तरुण नारंग, विनोद चुघ व वेद सेठी मौजूद रहे।