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Noida News: सपने बनकर रह गए आईपीएल के आयोजन, तीन माह से स्थानीय मैचों की बुकिंग भी बंद

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अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप तैयार होने के बाद भी पहचान नहीं बना सका नोएडा क्रिकेट स्टेडियम
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-21ए स्थित नोएडा क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल मैच कराने के सपने, सिर्फ सपने बनकर रह गए है। इस स्टेडियम की हालत इस कदर बिगड़ चुकी है कि मौजूदा समय में यहां स्थानीय क्रिकेट क्लबों के खिलाड़ियाें व टीमों के खेलने के लिए भी बुकिंग नहीं हो पा रही है। करीब 30 हजार से अधिक दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम इन दिनों प्राधिकरण व देखभाल करने वाली एजेंसी के बीच विवाद का अखाड़ा बनकर रह गया है।
दरअसल, सेक्टर-21ए स्थित नोएडा क्रिकेट स्टेडियम को लेकर नोएडा प्राधिकरण ने शहर के लोगों व खेल प्रेमियों को कई सपने दिखाए थे। जिसमें नोएडा क्रिकेट स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार कराने के साथ यहां पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के टी-20 क्रिकेट मुकाबले कराने के सपने देखे और दिखाए गए थे, लेकिन वर्तमान समय में यह स्टेडियम सिर्फ और सिर्फ लोकल क्रिकेट तक ही सिमट कर रह गया है। नोएडा प्राधिकरण और स्टेडियम को संचालित करने वाली एजेंसी के बीच विवाद के कारण इस स्टेडियम में स्थानीय टीमों के खेलने के लिए भी बुकिंग बंद कर दी गई है। पिछले तीन माह से इस स्टेडियम में एक भी मैच नहीं खेला गया है। इस मामले में नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि करार रद्द होने की प्रक्रिया में हैं। जल्द ही नई एजेंसी को इसका जिम्मा सौंपने की तैयारी है। मामले पर संबंधित एजेंसी का रुख जानने के लिए उसके प्रतिनिधियों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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350 करोड़ रुपये खर्च किए गए है इस परियोजना पर
इस स्टेडियम को लेकर खास बात यह है कि इसके निर्माण व गुणवत्ता को बेहतर बनाने के एवज में 58 करोड़ रुपये से शुरू निर्माण लागत को तकरीबन 350 करोड़ तक पहुंचा दिया गया। करोड़ों रुपये परियोजना पर खर्च करने के बाद भी बड़े क्रिकेट मैच आयोजन के सपने सिर्फ सपने बनकर रह गए।
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फ्लड लाइट और कुर्सियां तक नहीं लग पाईं
बड़े मैच के आयोजन से जुड़े तमाम सुविधाओं को विकसित करने की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण ने स्टेडियम संचालन करने वाली एजेंसी को दे रखी है। साल 2021 से अब तक एजेंसी ने इस दिशा में कोई कारगर कदम नहीं उठाया, जिसके कारण प्राधिकरण एजेंसी के साथ करार को रद्द करने की प्रक्रिया में हैं। करार रद्द होने की सुगबुगाहट के बाद एजेंसी ने स्टेडियम में सैंपल की तीन कुर्सियां लगवा कर करार को बचाने में जुटी हुई हैं। अब इन दोनों की लड़ाई में यहां स्थानीय क्रिकेट मैच भी नहीं हो पा रहे हैं।
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