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Noida News: नकली शराब बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी, चार गिरफ्तार

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- सूरजपुर औद्योगिक सेक्टर साइट-सी की कंपनी में चल रही थी, देसी-विदेशी ब्रांड की नकली शराब बरामद
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र की साइट-सी की कंपनी में नकली शराब बनाने की फैक्टरी पकड़ी है। मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में देसी-विदेशी ब्रांड की नकली शराब और अन्य सामान बरामद किए हैं। आरोपियों की पहचान कानपुर निवासी कमल, निखिल सोनी, अमित यादव और गोविंद चौरसिया के रूप में हुई है।

रविवार देर रात एसटीएफ को सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर साइट-सी की कंपनी में नकली शराब बनाने की फैैक्टरी की सूचना मिली। रात करीब सवा एक बजे एसटीएफ की टीम ने फैक्टरी पर छापा मारा। मौके से पकड़े गए चारों आरोपियों पर आबकारी एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। मौके से ट्वीन टावर ब्रांड की 46 पेटी, 8 पीएम मार्का के 2036 टेट्रा पैक, मोटा मार्का की 8 पेटी शराब बरामद हुई है। इसके अलावा 16 एटीएम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, अल्कोहल से भरे ड्रम, कैन में शराब में मिलाने वाला रंग, दो वाहन भी जब्त किए गए हैं।
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रामपुर से आता था अल्कोहल, विभिन्न ब्रांड का देते थे नाम

एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी रामपुर से 100 प्रतिशत अल्कोहल खरीदकर लाते थे। उसके बाद फैक्टरी में देसी व विदेशी शराब के नामी ब्रांड की शराब तैयार करते थे। इनमें टवीन टावर, विंडीज, मोटा, संतरा फ्लेवर की देशी और 8 पीएम, ऑफिर्स च्वाइस ब्रांड की नकली शराब तैयार की जाती थी। मौके से नामी ब्रांड की बोतल व मार्का भी मिले हैं।

बुलंदशहर में जगह कम पड़ी तो ग्रेनो में खोली फैक्टरी

नकली शराब बनाने की फैक्ट्री पहले बुलंदशहर में चल रही थी, लेकिन वहां पर जगह कम पड़ने लगी। उसके बाद आरोपियों ने ग्रेटर नोएडा की एक फैक्टरी किराए पर लेकर काम शुरू किया। पिछले कई माह से ग्रेटर नोएडा में नकली शराब बनाने की फैक्ट्री चल रही थी।
आबकारी विभाग की दुकानों पर बेची जा रही थी शराब
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यूपी आबकारी विभाग की दुकानों के माध्यम से नकली शराब की बिक्री की जा रही थी। गौतमबुद्ध नगर के साथ-साथ अन्य जिलों की दुकानों के सेल्समैन की मदद से नकली शराब खपाई जा रही थी। आरोपी सस्ती दर पर शराब बेचते थे। साथ ही तस्करी करने वाले लोगों को भी शराब की बोतलें मुहैया कराते थे।
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आबकारी विभाग फिर हुआ पता लगाने में फेल

औद्योगिक क्षेत्र की कंपनी में लंबे समय से नकली शराब बनाने की फैक्टरी चल रही थी, लेकिन आबकारी विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। इससे पहले भी आबकारी विभाग नकली शराब की फैक्ट्री को पकड़ने में नाकाम साबित हो चुका है। एक बार बुलंदशहर पुलिस ने आकर कार्रवाई की थी।
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