यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र में कुछ शर्तों के साथ उद्योगों की अनुमति देने के आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन अभी इस संबंध में गाइड लाइन जारी नहीं की है, न ही इसके लिए जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इसके चलते इस क्षेत्र में 112 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होने वाली 12 औद्योगिक इकाइयों को जमीन का आवंटन नहीं हो पा रहा है।
यीड़ा के अंतरगत जनपद में करीब 358 गांव अधिसूचित हैं। इन गांवों में किसी भी प्रकार के उद्योग स्थापित करने पर रोक लगी हुई थी। कुछ समय पहले यीड़ा ने इसमें छूट देते हुए कुछ शर्तों के साथ आवासीय क्षेत्र के पांच किलोमीटर दायरे के बाहर उद्योगों की स्थापना को स्वीकृति देने की बात कही थी।
इसके लिए जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन किया जाना था। इस क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने के लिए 12 उद्यमियों ने जमीन मांगी है। उपायुक्त जिला उद्योग केन्द्र अजलेश कुमार ने बताया कि अभी तक यीडा क्षेत्र के संबंध में उन्हें कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। पहले कमेटी गठित होगी, तब आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह जारी हुआ था यीडा का आदेश
यीडा की बोर्ड बैठक में उद्योगों के संबंध में निर्णय लिया गया था। इसके बाद यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने आदेश जारी करते कहा था कि अधिसूचित नगरीय क्षेत्र में कोई अनापत्ति जारी नहीं की जाएगी। प्राधिकरण क्षेत्र के बफर जोन और पांच किलोमीटर के दायरे के बाहर नियमानुसार अनुमन्य एक्टिविटी के लिए इम्पेक्ट फीस लेकर अनुमति दी जा सकती है। यह व्यवस्था अलीगढ़, मथुरा, हाथरस एवं आगरा के अधिसूचित क्षेत्रों के लिए लागू होगी।