फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट के आदेश पर जांच अधिकारी और मुंशी निलंबित

विज्ञापन
विज्ञापन
नगीना। पुलिस थाना नगीना के जांच अधिकारी जीतराम और मुंशी सुनील कुमार को सरकारी कार्य में लापरवाही बरतने पर जिला पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करने के बाद जांच बैठा दी गई है। कस्बे में मारपीट के मामले में कार्रवाई नहीं किए जाने पर पीड़ित परिवार द्वारा कोर्ट की शरण लेने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इस मामले की पुष्टि नगीना के थाना प्रभारी रमेश चंद ने की है।
विज्ञापन

कस्बे में दो पक्षों में मारपीट का मामला करीब दो महीन पहले आया था। जिसमें जांच अधिकारी ने केस दर्ज करने के बाद कार्रवाई नहीं की और पीड़ित परिवार से मोटी रकम की मांग की जा रही थी। दूसरी बार न केवल दबंगों ने उस परिवार पर जानलेवा हमला किया बल्कि एक महिला के साथ भी छेड़छाड़ और अभद्रता की। इस मामले में मुंशी सुनील कुमार को पीड़िता ने लिखित शिकायत दी और शिकायत एक महीने से ज्यादा वक्त तक जांच अधिकारी जीतराम के पास पड़ी रही। कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़िता और उसके परिवार ने एसएसपी से शिकायत की, लेकिन वहां भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। जुलाई में पीड़ित परिवार ने उच्च न्यायालय चंडीगढ़ की शरण ली। जिसके बाद हाईकोर्ट ने एसएसपी से 2 सप्ताह के अंदर जवाब मांगा। इस पर उन्होंने कार्रवाई करते हुए मुंशी सुनील कुमार और जांच अधिकारी जीतराम को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय लापरवाही बरतने की जांच के आदेश भी किए हुए हैं।
सामाजिक संगठनों ने जाहिर की खुशी
इस निलंबन से जिला पार्षद मोहम्मद इमरान, ब्लॉक पंचायत समिति की चेयरपर्सन ताहिरा, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य राम अवतार सिंगला ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि नगीना पुलिस थाने में लंबे वक्त से ऐसा ही होता आ रहा है। यहां पर पीड़ित परिवारों को जल्दी न्याय नहीं मिलता। दूसरी तरफ सामाजिक संगठन मेवात विकास सभा, गालिब मौजी खान फाउंडेशन महिला संगठन जागो चलो और अन्य संगठनों ने भी इस कार्रवाई पर खुशी जताई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें