नोएडा सेक्टर-24 पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। तीनों व्हाट्सएप पर डिमांड आने के बाद एनसीआर के अलग-अलग शहरों से वाहन चोरी कर पूर्वोत्तर राज्यों (मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, असम आदि) ले जाकर बेच देते थे।
पुलिस का दावा है कि गिरोह 1000 से अधिक वाहनों की चोरी कर चुका है। पुलिस गिरोह के अन्य बदमाशों की तलाश में जुट गई है। पकड़े गए तीनों आरोपियों के कब्जे से एक ब्रेजा व एक सेंट्रो कार, एक बुलेट, एक अपाचे, चार फर्जी आरसी, आरटीओ की मुहर आदि बरामद हुई है। तीनों की पहचान खोड़ा (गाजियाबाद) निवासी लोकेश, खैर (अलीगढ़) निवासी राजू और सिकंदरा निवासी मोहित के रूप में हुई है।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि शुक्रवार रात 11:30 बजे गिझोड़ रेड लाइट के पास से मुखबिर की सूचना पर सेक्टर-24 थाना प्रभारी रामफल की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में लोकेश आठवीं पास है। जबकि राजू दसवीं और मोहित ग्रेजुएट है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह वह एक बड़े गिरोह के लिए काम करते हैं। उनके पास व्हाट्सएप के जरिये डिमांड आती थी। जिसके आधार पर वह मॉडल और वाहन को एनसीआर से चोरी करते थे।
इसके बाद इन वाहनों के फर्जी दस्तावेज बनवाकर सड़क के रास्ते पूर्वोत्तर राज्यों में ले जाकर बेच देते थे। पुलिस के मुताबिक, लोकेश पर तीन, राजू पर नौ और मोहित पर तीन केस दर्ज हैं।
एसएसपी के मुताबिक, एक बड़ा रैकेट एनसीआर, दिल्ली, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर आदि जिले में सक्रिय है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ करने के बाद कुछ सुराग लगे हैं। गिरोह के अन्य बदमाशों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बुलंदशहर आरटीओ की मुहर से बनाते थे फर्जी आरसी
थाना प्रभारी रामफल ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के पास से बुलंदशहर आरटीओ की फर्जी मुहर बरामद हुई है। इसी मुहर का प्रयोग कर आरोपी फर्जी आरसी तैयार कर पूर्वोत्तर में वाहनों को बेचते थे।