शहर के कॉलेजों और पीजी छात्रों को ऑनलाइन डिमांड ड्रग्स की सप्लाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा हुआ है। मामले में पुलिस ने एमिटी विश्वविद्यालय के चार छात्रों समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो एमबीए और दो बीएएलएलबी के छात्र हैं। गिरोह के बदमाश मांग के अनुसार गांजा, चरस, एमडीएमए से लेकर ताइवान के ओजी गांजे की सप्लाई करते थे।
नोएडा के एसीपी प्रथम रजनीश वर्मा के नेतृत्व में कोतवाली सेक्टर-126 पुलिस ने सोमवार को आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बागपत निवासी सरगना अक्षय कुमार, मैनपुरी निवासी राजन सिंह, मध्य प्रदेश निवासी दर्शन कुमार, बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी आदित्य कुमार, बदायूं निवासी सतेंद्र श्रीवास्तव, फिरोजपुर निवासी सागर बजाज, मेरठ निवासी अनित सोम, गाजियाबाद निवासी अपूर्व सक्सेना और राजस्थान के झूंझनू निवासी नरेंद्र कुमार के रूप में हुई है। इनमें सागर और अपूर्व एमिटी विश्वविद्यालय में एमबीए और आदित्य के साथ दर्शन बीए एलएलबी के छात्र हैं।
पुलिस जांच में गिरोह से 12 बदमाशों के जुड़े होने की बात सामने आई है। मादक पदार्थों की तस्करी करने के मामले में शुभम जैन उर्फ योगेन्द्र, युवराज और उपेंद्र समेत अन्य की तलाश में जुटी है। आरोपी छात्रों से ऑनलाइन और ऑफलाइन संपर्क कर मादक पदार्थों की सप्लाई करते थे। मादक पदार्थों की डिलीवरी के लिए आरोपियों ने व्यक्तिगत राइडर रखे हुए थे। यह गैंग ताइवान से ओजी गांजा, शिलांग और उदयपुर से देसी गांजा समेत अन्य मादक पदार्थ जैसे चरस, कोकीन, एमडीएमए आदि मादक पदार्थों की आपूर्ति करता है।
ऑनलाइन लेते थे ऑर्डर, पैसे ट्रांसफर होने के बाद डिलवरी बॉय से कराते थे सप्लाई
गिरोह के आरोपी टेलीग्राम, स्नैपचैट, व्हाट्सएप के माध्यम से ऑर्डर पर सप्लाई करते थे। ऑर्डर लेने के बाद आरोपी ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करने को कहते थे। पैसे मिलने के बाद ग्राहक द्वारा बताए गए पते पर मादक पदार्थ पहुंचा दिया जाता है। आरोपियों के पास से छोटे-छोटे 62 पार्सल बरामद हुए हैं, जिनमें विदेशी गांजा ओजी व शिलांग का गांजा रखते हैं। आरोपी ऑनलाइन कंपनियों की तर्ज पर डिलवरी बॉय से पार्सल डिलीवरी करते थे।
ताइवान से सरगना की पत्नी भेजती थी ओजी गांजा
एसीपी रजनीश वर्मा के मुताबिक गिरफ्तार सरगना अक्षय कुमार की पत्नी ताइवान में नौकरी करती है। अक्षय का ताइवान आना-जाना लगा रहता है। वह पत्नी के माध्यम से ताइवान से कोरियर से ओजी गांजा मंगवाता था। जिसे एनसीआर में दस हजार रुपये प्रति ग्राम की दर से बेचता था। वहीं राजन दिल्ली से नोएडा ओला कैब चलाता है। वह दिल्ली के तुगलकाबाद में रहने वाले नाईजीरियाई नागरिकों से एमडीएमए कोकीन खरीदकर यूनिवर्सिटी के छात्रों को सप्लाई करता था। वहीं नरेंद्र राजस्थान से गांजे की खेप लाकर उसे यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को सप्लाई करता था।
30 लाख के मादक पदार्थ बरामद
आरोपियों के पास से 15 किलो से अधिक गांजा, 30 ग्राम कोकीन, 20 ग्राम एमडीएमए की गोली, 150 ग्राम चरस, दस मोबाइल, दो इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, दो बाइक, टाटा सफारी कार। बरामद मादक पदार्थों की कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है।
नशीले पदार्थ की सप्लाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह का जाल ताइवान से लेकर देश के कई शहरों तक फैला था। इस मामले में अफ्रीकी मूल के नागरिक समेत कई आरोपियों की तलाश जारी है। - हरीश चंदर, डीसीपी नोएडा