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कोरोना तथा बढ़ती उम्र के कारण बीमा कंपनी ने बढ़ाया वकीलों का प्रीमियम

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नई दिल्ली। मुख्यमंत्री एडवोकेट वेलफेयर स्कीम के तहत प्रदान किए जाने वाले बीमे के प्रीमियम की राशि कोरोना तथा वकीलों की बढ़ती आयु के कारण बढ़ाई गई है। यह जानकारी द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी (एनआईएसी) ने मंगलवार को हाईकोर्ट में दी। कंपनी ने कहा कि इन कारणों से प्रीमियम राशि बढ़ाई गई है।
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कंपनी ने कहा कि बीमा के लाभार्थी वकीलों में 35 साल से कम आयु वालों की संख्या कम तथा अधिक वालों की संख्या अधिक है जिससे प्रीमियम राशि बढ़ी है। इसके अलावा कोरोना से पैदा हुई स्थिति का असर भी प्रीमियम राशि पर पड़ेगा।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की पीठ के समक्ष बीमा कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने स्कीम के तहत दिए जाने वाले जीवन बीमा तथा मेडिक्लेम पॉलिसी के प्रीमियम में हुठ्र बढ़ोतरी पर 28 अगस्त को चिंता जाहिर की थी। उन्होंने दिल्ली सरकार की स्टेटस रिपोर्ट पर विचार करने के बाद कहा था कि बीमा कंपनियों ने प्रीमियम राशि में बड़ी वृद्धि की है जो नवंबर-दिसंबर 2019 में दी गई कोटेशन से अधिक है।
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दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थाई अधिवक्ता सत्यकाम ने 14 सितंबर को दूसरी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने 40115 वकीलों को समूह जीवन बीमा दिलाने के लिए 10.07 करोड़ की राशि तय की है लेकिन एलआईसी इस राशि में केवल 28774 वकीलों को ही बीमा कवर देने की बात कह रही है। पिछले साल दी गई कोटेशन के मुताबिक 28774 वकीलों को 7.21 करोड़ रुपये में बीमा कवर देने की बात कही गई थी।
दिल्ली सरकार ने इसी तरह 40115 वकीलों के ग्रुप मेडिक्लेम के लिए 34.09 करोड़ रुपये की राशि रखी थी लेकिन अब एनआईएसी बदले हालात में इतनी राशि में केवल 29077 वकीलों को ही मेडिक्लेम देने की बात कर रही है। इसके अलावा कंपनी ने कई अन्य शर्तों में भी बदलाव कर दिया है जिसके मद्देनजर नए सिरे से टेंडर जारी करने की जरूरत है। - एजेंसी
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