-विभाग 24 अक्तूबर की स्थिति रिपोर्ट के विवरणों के आधार पर करे कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को जसोला गांव में एक विवादित जमीन की सीमाओं को चिह्नित करने और उसकी स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अमित शर्मा की खंडपीठ ने आदेश पारित करते हुए कहा कि डीडीए को 24 अक्टूबर 2025 की स्थिति रिपोर्ट में उल्लिखित विवरणों के आधार पर कार्रवाई करनी होगी।
अदालत ऋषिपाल महाशय की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में गांव में खाली पड़ी जमीन पर सामुदायिक केंद्र बनाने की मांग की गई थी। जिसके बाद अदालत ने डीडीए को जमीन चिन्हित कर दिल्ली सरकार को सौंपने का निर्देश दिया था। आदेश के अनुसार, डीडीए ने अपनी रिपोर्ट में स्वीकार किया कि जमीन का निरीक्षण 21 अक्टूबर 2025 को किया गया था, लेकिन अभी तक इसकी सीमाएं पूरी तरह चिह्नित नहीं की गई हैं। कोर्ट ने डीडीए को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जमीन की सीमाएं जल्द से जल्द चिह्नित की जाएं और एनसीटीडी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली) को सौंप दी जाएं। इसके अलावा, डीडीए को अगली सुनवाई से पहले एक नई स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि डीडीए निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी नहीं करता तो उसे 19 जनवरी 2026 तक सभी संभव तरीकों, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक मेल भी शामिल है, से प्रक्रिया शुल्क के बिना जवाब देना होगा।