जी-20 की तैयारियों में जुटा प्राधिकरण, लेकिन नहीं पड़ी क्षतिग्रस्त बोर्ड पर नजर
नितेश कुमार
ग्रेटर नोएडा। शहर के मुख्य मार्गों, आवासीय सेक्टरों और बाजारों आदि में लाखों की लागत से सड़क के किनारे पोल पर लगाए गए दिशा सूचक बोर्ड अधिकारियों की अनदेखी के कारण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उन पर लगे संकेत सूचक भी गुम हो गए हैं। इससे वाहन चालक भ्रमित हो रहे हैं। क्षतिग्रस्त बोर्ड के कारण लोग दिशा भ्र्रमित होने लगे हैं और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में नए आने वाले राहगीरों को इससे अधिक दिक्कत हो रही है।
शहर में जी-20 को लेकर तैयारियां चल रही हैं। सीईओ के निर्देश पर शहर को सजाने का काम चल रहा है। इसके बावजूद क्षतिग्रस्त दिशा सूचक बोर्ड पर प्राधिकरण के अधिकारियों की नजर नहीं पड़ी है। शहर में दिशा सूचक बोर्ड वाहन चालकों और राहगीरों की परेशानी दूर करते थे। इससे लोगों को रास्ता पूछने के लिए जगह-जगह भटकना नहीं पड़ता था, लेकिन शहर के मुख्य रास्तों पर लगे कई दिशा सूचक बोर्ड अब क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कुछ बोर्ड पेड़ों के पीछे छिप गए हैं। और कहीं-कहीं तो दिशा सूचक बोर्ड पर पोस्टर चस्पा है, जिसके कारण लोगों को मुख्य मार्गों का पता नहीं चलता है कि जाना कहां है। बोर्ड टूटने व फटने से सबसे ज्यादा परेशानी अनजान लोगों को हो रही है। सड़कों पर दिशा सूचक बोर्ड के टूटे व फटे होने के कारण वाहन चालकों को अपने वाहन रोककर लोगों से रास्ते के बारे में पूछना पड़ता है।
इस जगह फटे दिशा सूचक बोर्ड
ग्रेटर नोएडा के साइट-4 चौराहा, सेक्टर पी-3 गोल चक्कर और गामा-2 गोल चक्कर के आसपास लगे दिशा सूचक बोर्ड फटे हुए हैं। शहर में कई जगह दिशा सूचक बोर्ड पेड़ों के पीछे छिपे हुए हैं तथा पोस्टर चस्पा है।
टूटी सड़क बनी परेशानी का सबब
कासना में नहर पुल के पास टूटी सड़क वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। करीब एक फीट गहरी सड़क टूटी हुई है। मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहनों का आना जाना लगा रहता है, लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी का इस ओर ध्यान नहीं है।