साइबर ठगों के निशाने पर केवल ज्यादा रकम लेने वाले लोग ही नहीं हैं, बल्कि पांच से छह हजार रुपये की रकम लेने वाले लोग भी शामिल हैं। साइबर ठगों ने अतिरिक्त कर्ज वसूली करने के लिए इन लोगों को बदनाम करने की धमकी दी।
फर्जी लोन एप से होने वाली वारदातें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते दो माह में साइबर पुलिस के पास ऐसे 15 मामले आ चुके हैं। यह ऐसे लोग हैं, जिन्होंने इन एप से कर्ज लिया और साइबर ठगों के जाल में फंस गए। साइबर ठगों ने अतिरिक्त कर्ज वसूली करने के लिए इन लोगों को बदनाम करने की धमकी दी। घबराए लोगों ने कर्ज का चार गुना तक भुगतना कर दिया। पुलिस के अनुसार ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
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साइबर ठगों के निशाने पर केवल ज्यादा रकम लेने वाले लोग ही नहीं हैं, बल्कि पांच से छह हजार रुपये की रकम लेने वाले लोग भी शामिल हैं। सेक्टर-66 स्थित राहुल कुमार बताते हैं कि एक एप के माध्यम से उन्होंने पांच हजार रुपये का इंस्टेंट लोन लिया था। इसके बदले में 5400 रुपये चुका दिए, फिर भी उनसे और रकम की मांग की जाती रही। मना करने पर उनकी फेक अश्लील फोटो सभी जानकारों को भेजने की धमकी दी। ऐसे में उन्होेंने हिम्मत कर साइबर थाने में शिकायत दी और अपने उस नंबर को बंद कर दिया। इसी तरह सेक्टर-53 निवासी सोनू शुक्ला ने बताया कि लिया हुआ लोन मैं दे चुका हूं, इसके बाद भी ठगों द्वारा और पैसे मांगे जा रहे हैं।
पैसे नहीं देने पर मेरे सभी रिश्तेदारों को नकली फोटो बनाकर भेज दी। जिसके बाद सभी रिश्तेदारों को बताना पड़ रहा है कि हकीकत क्या है। इसके चलते वह पांच दिनों से ऑफिस नहीं गए हैं। उन्हें अवसाद ने घेर रखा है।
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पुलिस की पकड़ से दूर हैं आरोपी
इस तरह के मामले नोएडा-ग्रेटर नोएडा में लगातार बढ़ रहे हैं। आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से कोसों दूर हैं। कई परेशान लोग तो खुदकुशी की कगार पर पहुंच रहे हैं। दरअसल लोन देते वक्त आरोपी पीड़ित के मोबाइल के कान्टेक्ट नंबर, फोटो, वीडियो आदि का एक्सेस अपने पास ले लेते हैं। फिर अश्लील मैसेज, वीडियो व फोटो भेजने के नाम पर ब्लैकमेल करते हैं। कुछ आरोपी तो पुलिस वालों को भी धमकी दे रहे हैं।
यह सावधानी बरतें
फर्जी लोन एप से दूर रहें, आरबीआई से रजिस्टर्ड लोन एप का ही प्रयोग करें।
एनबीएफसी (नॉन बैंकिंगa फाइनेंशियल कंपनीज) कंपनी से भी लोन ले सकते हैं।
अगर साइबर जालसाजों द्वारा परेशान किए जाए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दें। ताकि, जालसाज वहां गलत न लिख सकें।