प्राधिकरण से जानकारी मिलने पर पता चला सच, 1.17 करोड़ की धोखाधड़ी में केस दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। प्रसांदी इन्फोटेक पार्क प्राइवेट लिमिटेड और सॉलिटेयर ग्रुप के खिलाफ एक डॉक्टर ने धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि उन्हें दुकान दिलाने के नाम पर कॉमन एरिया बेचा गया। प्राधिकरण से जानकारी मिलने पर धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ। कोर्ट के आदेश पर नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है। सेक्टर-36 निवासी डॉ. गुरप्रीत सिंह का कहना है कि नॉलेज पार्क स्थित प्रोजेक्ट में तीन दुकानों के लिए उन्होंने 1.17 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। अनुबंध के अनुसार जनवरी 2009 तक कब्जा दिया जाना था।
पीड़ित के मुताबिक बाद में कंपनी ने उन्हें टॉवर-डी की शॉप नंबर-12 देने का प्रस्ताव दिया। इसके लिए उन्होंने लगभग 48.48 लाख रुपये तक का भुगतान किया। जब उन्होंने रजिस्ट्री की मांग की तो उनसे 23.35 लाख रुपये और मांगे गए। बाद में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जानकारी लेने पर पता चला कि जिस दुकान को उन्हें बेचा गया था, वह वास्तव में कॉमन एरिया था।
पीड़ित का कहना है कि उन्हें करीब तीन करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस ने शिकायत पर आरोपी अतुल भल्ला, गणेश प्रसाद बागरी, नरेश कुमार खैतान, अर्जुन प्रीत सिंह साहनी, हरजीत सिंह साहनी, राजकुमार सिसोदिया, अनामिका डोगरा, रोमा शुक्ला, सुमित साहू और अशोक सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी सर्वेश चंद का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।