आरोप-मेंटनेंस शुल्क देने के बावजूद स्थिति जस की तस
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सावन में लगातार हो रही बारिश ने शहर के मौसम को सुहाना कर दिया है, लेकिन कई सोसाइटियों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की बदहाल व्यवस्था ने निवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। कहीं एसटीपी लंबे समय से बंद पड़े हैं तो कहीं बढ़ती आबादी के मुकाबले उनकी क्षमता कम है। टॉयलेट से आने वाली दुर्गंध, सीवेज की निकासी और आसपास फैलती बदबू से निवासी परेशान हैं। निवासियों का कहना है कि मेंटेनेंस शुल्क देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। सेक्टर-78 की सिक्का कर्मिक ग्रीन से लेकर सेक्टर-119 की एल्डेको आमंत्रण अलग-अलग सोसाइटी में एसटीपी की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सेक्टर-150 में कुछ हफ्ते पहले सोसाइटी में ट्रीटमेंट प्लांट की सफाई के दौरान हादसा हुआ था, जिसमें लोगों की मौत हो गई थी। निवासियों का कहना है कि एसटीपी के इनलेट और आउटलेट पानी की नियमित जांच, प्लांट की निगरानी और सफाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जाए।
सोसाइटी का एसटीपी ठीक से काम नहीं कर रहा है। टॉयलेट में बहुत ज्यादा बदबू आती है। इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन समाधान नहीं हुआ। -तनिश मल्होत्रा, एल्डेको आमंत्रण सोसाइटी
हमारी सोसाइटी में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जरूरत के मुकाबले कम क्षमता में बनाए गए हैं। पिछले सालों में कई बार अधिकारियों को पत्र लिखा गया है लेकिन स्थिति जस की तस है। -पुनीत धनखड़, गार्डेनिया ग्लोरी सोसाइटी
सोसाइटी में एसटीपी की समस्या करीब आठ वर्षों से बनी हुई है। पिछले करीब एक वर्ष से आईजीआरएस समेत विभिन्न माध्यमों से लगातार शिकायतें की जा रही हैं, फिर भी जमीनी स्तर पर सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। - देवेंद्र सिंह, सिक्का कर्मिक ग्रीन
देवेन्द्र सिंह
देवेन्द्र सिंह
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