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Noida News: 15 करोड़ रुपये का कारोबार कर रहीं अवैध बाइक टैक्सियां

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15 करोड़ रुपये का कारोबार कर रहीं अवैध बाइक टैक्सियां
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लोगों की जान खतरे में डालकर नियमों का उल्लंघन, जिले में 2500 अवैध बाइक संचालित

2529 बाइक टैक्सियां दर्ज हैं कॉमर्शियल वाहनों की श्रेणी में

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले में संचालित अवैध बाइक टैक्सियां 15 करोड़ रुपये तक का अवैध कारोबार कर रही हैं, लेकिन परिवहन विभाग इन पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। बिना कॉमर्शियल वाहन और परमिट के ही यह बाइक संचालक लोगों की जान खतरे में डालकर फर्राटा भर रहे हैं। जिले में मात्र 2529 बाइक टैक्सियां कॉमर्शियल वाहनों की श्रेणी में दर्ज हैं और नियमों का पालन करते हुए चल रही हैं। वहीं, करीब 2500 बाइक टैक्सियां अवैध रूप से संचालित हो रही हैं।
विभिन्न प्रकार के एप इन संचालकों को बढ़ावा दे रहे हैं। इनके सहारे रोजाना दोपहिया वाहन से दो हजार रुपये तक की कमाई हो रही है। एक दिन में इससे 50 लाख और माह में यह आंकड़ा 15 करोड़ रुपये तक पहुंच रहा है। जहां कॉमर्शियल वाहनों को कई प्रकार के टैक्स भरने होते हैं वहीं, यह वाहन बिना टैक्स भरे ही चल रहे हैं।
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कॉमर्शियल वाहन चालकों को परिवहन विभाग पीला नंबर प्लेट जारी करता है। इसके साथ ही वाहन चालक की सवारियों को लेकर कई जिम्मेदारियां भी तय हो जाती हैं। ऐसे में कोई भी सड़क दुर्घटना होने पर चालक जिम्मेदार माना जाता है, लेकिन प्राइवेट नंबर प्लेट वाले वाहन के साथ यह जिम्मेदारियां निजी हो जाती हैं।
इन सभी जिम्मेदारियों को दरकिनार कर यह वाहन रोजाना सड़कों पर चल रहे हैं, लेकिन विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता है। बीते दिनों अवैध बाइक टैक्सियों का संख्या में इजाफा हुआ है, जबकि वैध टैक्सियों के पंजीकरण में भारी कमी आई है। 2022-23 के वित्तीय वर्ष में 180 बाइकों का पंजीकरण हुआ था जो 2023-2024 में घटकर 90 पर आ गया। सीधे तौर पर इसमें 50 प्रतिशत तक की कमी देखी गई है।


लगातार की गईं शिकायतें

नोएडा ऑटो चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष लाल बाबू ने बताया कि यह बाइक टैक्सियां सबसे अधिक नुकसान ऑटो चालकों के कारोबार को पहुंचा रही हैं। प्राइवेट नंबरों पर मनमाने ढंग से यह संचालित होती हैं और नियमों का उल्लंघन करती हैं। साल 2023 से लगातार ऐसी 2500 बाइकों को चिह्नित कर परिवहन विभाग से कई बार शिकायत की गई है लेकिन विभाग कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया है।
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किसी भी प्राइवेट नंबर से कॉमर्शियल वाहनों का संचालन सरासर गलत है। ऐसे वाहनों पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। - डॉ. सियाराम वर्मा, उप संभागीय परिवहन अधिकारी
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