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प्रत्याशी ने दिया कन्यादान तो शादी का पूरा व्यय चुनाव खर्च में जुड़ेगा

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ग्रेटर नोएडा। शादियों का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में प्रत्याशी शादी समारोह में जाकर मतदाताओं से वोट करने की अपील कर सकत हैं। इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए प्रत्याशी के कन्यादान पर भी आयोग ने अपनी नजरें टिका दी है। जिला उप निर्वाचन अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि अगर कोई भी प्रत्याशी कन्यादान करता है, तो उस शादी का पूरा व्यय प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने प्रत्याशियों से चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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जिला प्रशासन मतदान की तैयारियों में जुटज्ञ है। निर्वाचन आयोग के सख्ती के बाद लगातार आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन के मामले भी सामने आ रहे हैं। इस उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रत्याशियों से अपील करते हुए कहा कि शादी समारोहों में पहुंच कर कन्यादान देकर मतदाताओं को लुभाने की शिकायत मिली तो उस शादी का पूरा खर्च प्रत्याशी के चुनाव खर्चे में जोड़ दिया जाएगा। अहम है कि क्षेत्र के लोग शादियों का न्यौता प्रत्याशियों को भेज रहे हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव का कहना है कि अगर कोई प्रत्याशी द्वारा शादी में कन्यादान करने की शिकायत मिलती है तो उस शादी का पूरा खर्च प्रत्याशी के चुनाव खर्चे में जोड़ दिया जाएगा। हालांकि अभी तक इस तरह का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है।
विधानसभा चुनाव के दौरान ही शादी-सहालग भी हैं। कई अधिकारी-कर्मचारियों के परिजनों की 10 फरवरी या उससे एक दिन पहले शादी है। ऐसे में काफी लोग पशोपेश में है कि वह परिवार में शादी कराएं या क्षेत्र में जाकर मतदान कराएं। ऐसे 25 से ज्यादा ऐसे कर्मियों ने मतदान ड्यूटी कटवाने के लिए जिला चुनाव अधिकारी के पास आवेदन किया है। गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद समेत पश्चिमी यूपी में 10 फरवरी को मतदान है। उसी दौरान शादियों के सहालग भी है। कई अधिकारी-कर्मचारियों के बेटे-भाई या परिवार के अन्य लोगों की शादी है। ऐसे ही एक कर्मचारी के छोटे भाई की शादी है। उसके माता-पिता नहीं है। मतदान के दिन 10 फरवरी को शादी है। कर्मी ने चुनाव ड्यूटी से छूट देने की गुहार लगाई है। उधर, अधिकारियों का कहना है कि गाजियाबाद ने गौतमबुद्घ नगर से चुनाव कराने के लिए मतदान कर्मियों की मांग की है। यदि अपने जिले के बात होती तो ऐसे कर्मचारियों को तत्काल मतदान से छूट दे दी जाती। चूंकि गाजियाबाद को भी स्टाफ देना है। ऐसे में कर्मचारियों की ड्यूटी काटना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन ऐसे आवेदकों पर विचार किया जाएगा।
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