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उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा तो आधी आबादी को होगा फायदा

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नोएडा। करीब 20 करोड़ आबादी वाले उत्तर प्रदेश की आधी जनता लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) से जुड़ी है। देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले इस सेक्टर को राजनीतिक दल अपने चुनावी एजेंडे में जगह नहीं देते। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ने प्रदेश स्तर पर इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया है। एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव राजनीतिक दलों के चुनावी घोषणा पत्रों में शामिल करने की मांग उठाई गई है। इसमें कहा गया है कि यदि उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तो आधी आबादी के दिन बहुर जाएंगे।
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आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव बंसल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि सभी जिलों में राजनीतिक दलों तक अपनी बात पहुंचाने का अभियान शुरू किया गया है। यूपी में 89.99 लाख एमएसएमई स्थापित हैं, जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा हैं। यह सेक्टर 2.55 करोड़ से अधिक परिवारों का भरण-पोषण सीधे तौर पर कर रहा है। यदि एक परिवार में औसतन सदस्यों की संख्या चार मानी जाए तो प्रदेश की 10.21 करोड़ जनसंख्या का जीवनयापन एमएसएमई पर निर्भर है। प्रदेश की इस आधी आबादी का जीवन तभी समृद्ध हो पाएगा, जब एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। इसको ध्यान में रखते हुए आईआईए की तरफ से नौ सूत्री प्रस्ताव राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग उठाई जा रही है।
सरकार के विभागीय टेंडरों में एमएसएमई के लिए किसी भी तरह की तकनीकी शर्तें न लगाई जाएं और सभी खरीद जैम पोर्टल के माध्यम से ही की जाए। प्रदेशभर में एमएसएमई की लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड किया जाए, ताकि आवश्यकता से अधिक उपलब्ध भूमि को भू उपयोग परिवर्तन के बिना बेचने की अनुमति मिल जाए। इससे वित्तीय समस्याओं से जूझ रहे छोटे उद्यमियों को फायदा मिलेगा। रूफ टॉप सोलर सिस्टम व क्लीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नेट मीटरिंग की सुविधा बहाल की जाए। प्रदेश के पूर्वांचल एवं गंगा एक्सप्रेसवे पर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएं।
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पर्यावरण, विद्युत और अग्नि सुरक्षा से संबंधित अनापत्तियों के लिए थर्ड पार्टी सहायता व निरीक्षण की व्यवस्था लागू हो। मंडी शुल्क को शून्य किया जाए। आधी आबादी का भरण-पोषण करने वाले एमएसएमई सेक्टर को भी विधान परिषद में प्रतिनिधित्व दिया जाए। उद्योगों में स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पीएनजी पर वैट की दरों को शून्य किया जाए। इस मौके पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कुलदीप गोयल, नोएडा चेप्टर के चेयरमैन राहुल जैन, ग्रेटर नोएडा के चेयरमैन विशारद गौतम, सचिव नवीन गुप्ता, सहसचिव मनीष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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