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आम्रपाली के आधे-अधूरे बने फ्लैटों की कैसे होगी रजिस्ट्री

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आम्रपाली के आधे-अधूरे बने फ्लैटों की कैसे होगी रजिस्ट्री
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नोएडा। सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के प्रोजेक्टों में रह रहे लोगों के फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता खोलने के निर्देश प्राधिकरणों को दिए हैं, लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आधे-अधूरे बने फ्लैटों की रजिस्ट्री होगी और रजिस्ट्री का मापदंड क्या होगा।
दरअसल, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आम्रपाली के प्रोजेक्टों में 42 हजार यूनिटों में बुकिंग है। इनमें से करीब आठ से दस हजार फ्लैटों में लोग रह रहे हैं। हालांकि यह यहां मजबूरी में रह रहे हैं। धरना प्रदर्शन के दौरान इनको एक मौका मिला और यह वहां रहने चले गए। हालांकि जहां यह लोग रह रहे हैं वहां संसाधनों की भारी कमी है, लेकिन अपने घर में रहने की लालसा ने उनको वहां टिका रखा है और वह लोग कमियों के साथ रह रहे हैं।
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पैसे जुटाकर लिफ्ट और रेलिंग लगवाई
आम्रपाली सिलिकॉन सिटी के कुछ टावरों में लोगों ने अपने पैसे जुटाकर लिफ्ट लगवाई हैं। हालांकि कुछ टावरों में पहले से लिफ्ट लगी है, लेकिन अगर लिफ्ट खराब हो जाए तो कोई देखने वाला नहीं है। वहीं बालकनी की रेलिंग तक अपने पैसों से लगवाई है।
बेसमेंट पार्किंग में भरी पड़ी है गंदगी
प्रोजेक्टों के बेसमेंट में बनाई गई पार्किंग में गंदगी भरी पड़ी है। यहां पहले भी यह पाया गया था कि कूड़े और पानी भरने की समस्या आ रही है, जिसका निदान तक नहीं किया गया।
सुरक्षा के मानकों पर खरा नहीं उतरते प्रोजेक्ट
किसी भी प्रोजेक्ट का काम पूरा होने के बाद उसे सुरक्षा के मानकों पर तौला जाता है। उसके बाद ही प्राधिकरण ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट देता है, लेकिन अब जब प्राधिकरण को किसी तरह का अड़ंगा नहीं लगाने का निर्देश है तो फिर सुरक्षा मानकों पर प्रोजेक्टों को कौन तौलेगा। अभी एनबीसीसी को काम शुरू करने में तीन माह का समय लगेगा। ऐसे में जिन प्रोजेक्टों में लोग रह रहे हैं उनकी रजिस्ट्री नियमों के आधार पर होनी चाहिए या नहीं, सुरक्षा का ध्यान रखा जाना चाहिए या नहीं इन सभी बातों पर गौर करना होगा।
क्या रजिस्ट्री के बाद हो पाएगा काम
आम्रपाली के कई फ्लैट खरीदारों का सवाल है कि अगर उनकी रजिस्ट्री हो जाती है और उनके फ्लैट में काम बचा हुआ है तो क्या रजिस्ट्री के बाद भी एनबीसीसी उनके फ्लैट का काम पूरा करेगा।
एक से दो हजार फ्लैटों की ही हो पाएगी रजिस्ट्री
खरीदारों का कहना है कि नोएडा में सिलिकॉन सिटी और जोडिएक ही ऐसे प्रोजेक्ट हैं जहां करीब एक से दो हजार फ्लैटों की रजिस्ट्री हो पाएगी। हालांकि इन प्रोजेक्टों में भी काम बचा हुआ है, लेकिन यहां काफी काम पहले से ही हो चुका है।
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बिजली और पानी के कनेक्शन देने का निर्देश
कोर्ट का साफ निर्देश है कि जिन प्रोजेक्टों में आम्रपाली के खरीदार रह रहे हैं, वहां बिजली और पानी के कनेक्शन बहाल रखे जाएं, ताकि खरीदारों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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