नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने फिल्म गुंजन सक्सेना: दि कारगिल गर्ल में वायुसेना के चित्रण पर पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना से अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि वह हलफनामा दाखिल कर फिल्म की सामग्री पर अपना आकलन भी बताएं। यह फिल्म नेटफ्लिक्स चल रही है और शुरुआत से विवादों में घिरी हुई है।
न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने गुंजन सक्सेना से यह भी पूछा कि क्या उनके तथा फिल्म निर्माता के बीच कोई समझौता हुआ था और क्या उसका उल्लंघन किया गया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 15 अक्तूबर की तारीख तय की है।
पूर्व वायुसेना अधिकारी सक्सेना की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन ने कहा फिल्म की उद्घोषणा में साफ कहा गया है कि यह सक्सेना की आधिकारिक बायोपिक नहीं बल्कि उनकी कहानी से प्रेरित है। इसके अलावा यह फिल्म वायुसेना का गरिमापूर्ण अंदाज में चित्रण करती है।
हाईकोर्ट ने इससे पहले फिल्म पर अंतरिम रोक से इनकार करते हुए धर्मा प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड, करण जौहर, जी एंटरटेनमेंट इंटरप्राइजेज लिमिटेड, नेट फ्लिक्स तथा अन्य पक्षों को केंद्र सरकार तथा वायु सेना की ओर से दायर याचिका पर अपना दाखिल करने का आदेश दिया था। फिल्म के प्रदर्शन पर रोक की मांग करते हुए केंद्र ने कहा था कि इसमें वायुसेना का चित्रण गलत तरीके से किया गया है जिससे उसकी की छवि खराब होती है। - एजेंसी