दो अक्तूबर को जहां पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहा था, उसी दिन जिला संयुक्त अस्पताल के एक डॉक्टर राष्ट्रपिता पर आरोप लगा रहे थे कि आजादी उन्होंने नहीं दिलाई। हमको इतिहास ही गलत पढ़ाया गया है। अब जिला अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टर को नोटिस जारी कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
देश को आजादी दिलाने के लिए राष्ट्रपिता द्वारा चलाए गए आंदोलन और उनके बलिदान को झूठलाने का यह काम जिला अस्पताल में तैनात आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद कश्यप ने किया है। डॉ. कश्यप को जारी नोटिस के मुताबिक, यह पोस्ट उन्होंने दो अक्तूबर की शाम को किया था।
जिला अस्पताल के व्हाट्सएप ग्रुप में गांधी जयंती पर डॉ. अभिषेक शर्मा ने एक बधाई संदेश पोस्ट किया। इसमें लिखा, ‘दे दी हमें आजादी बिना खड्ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल’। इसके कुछ देर बाद ही डॉ. कश्यप ने कमेंट पोस्ट किया, ‘एक ऐसा झूठ जो हमको बचपन से पढ़ाया गया’।
उनके इस पोस्ट के बाद सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में कहा गया है कि यह पोस्ट आपत्तिजनक है और राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है। यह राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के भी खिलाफ है। नोटिस में राष्ट्रद्रोह से संबंधित टिप्पणी के लिए एफआईआर कराए जाने की चेतावनी भी दी गई है। डीएम और सीएमओ को भी इस मामले की जानकारी दी गई है।
राष्ट्रपिता पर इस तरह से टिप्पणी करना अनुचित है। अब तक डॉक्टर ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। जवाब मिलने के बाद उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. रेनू अग्रवाल, सीएमएस, जिला संयुक्त अस्पताल