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बारिश का पानी भरने से फसलों में भारी नुकसान

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Heavy damage to crops due to rain water filling
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अंतराम खटाना
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नूंह। पिछले कई दिनों से जिले में हो रही बारिश किसानों के लिए परेशानी बन गई है। इंडरी खंड के किरा, छपेड़ा, गांगोली, छछेड़ा, आलदौका, नवाबगढ़, दुबाल व इंडरी सहित दर्जनों गांवों में खोतों में पानी भरने से फसलों में भारी नुकसान हो रहा है। इन गांवों में पलवल जिले के मंडकोला गांव के जंगलों से पानी आ रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन से पानी निकासी के उचित प्रबंध करने व फसलों की गिरदावरी की मांग की है।
छपेड़ा निवासी डॉ बलदेव, सुरेंद्र आदि ने बताया कि भारी बारिश से बाजरा, गन्ना, ज्वार के अलावा कपास की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। खेतों में कई फीट पानी खड़ा हुआ है। पानी की निकासी नहीं होने से यह समस्या कई गुणा बढ़ रही है। इस बार उनके यहां पर धान की फसल को छोड़कर कपास आदि फसलों की अधिक बिजाई की गई थी, लेकिन भारी बारिश के कारण कपास के साथ गन्ने की फसलों में पानी जमा हो रहा है। जिससे खेतों में खड़ी हजारों एकड़ फसल खराब हो रही है।
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किसानों ने बताया कि इस समस्या के लिए कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया। गांवों में जंगलों से गुजर रही सड़कें भी खराब हो रही हैं। कई बार इस बारे में भी प्रशासन से गुहार लगाई है, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
हर वर्ष आता है पलवल जिले से पानी
इंडरी खंड के साथ लगते पलवल जिले के मंडकोला गांव से हर वर्ष बरसात में पानी आता है। मानसून से पूर्व किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया था, लेकिन कोई ठोस योजना नहीं होने के कारण किसानों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है।
वर्जन-
दुबालू गांव में पानी निकासी के लिए 8 पंप चलाए जा रहे हैं। अन्य किसी गांव में समस्या है तो संबंधित एसडीएम को इस बारे में अवगत कराएं। प्रशासन द्वारा तुरंत पानी निकासी के प्रबंध किए जाएंगे। - शक्ति सिंह, उपायुक्त
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खेतों से उठ रही बदबू, फसल के नुकसान की आशंका
नगीना। क्षेेत्र के किसानों ने ज्वार और बाजरे की फसल में भारी नुकसान की आशंका जताई है। खेतों में डेढ़ से 2 फुट बारिश का पानी भरा हुआ है। वहीं बारिश भी थमने का नाम नहीं ले रही, जबकि खेतों से बदबू उठने लगी है। सबसे ज्यादा नुकसान जैताका, अकलीमपुर, उलेटा, करहेडा और मुलथान के जंगलों में दिखाई दे रहा है। उलेटा गांव के किसान मुबारिक अली, मतीन अहमद आदि ने बताया कि 5 गांवों की तकरीबन 1000 एकड़ फसल गलने और सड़ने लगी है। तहसीलदार को शिकायत की गई है, लेकिन अभी तक गिरदावरी के आदेश नहीं हुए हैं। वहीं उपायुक्त शक्ति सिंह का कहना है कि जिन गांवों में बारिश से ज्वार और बाजरे की फसल को नुकसान हुआ है, उनकी गिरदावरी पटवारी और तहसीलदार को भेजकर कराने पर विचार किया गया है। जल्द ही अंतिम फैसला लेकर कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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