महेंद्रगढ़। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सिविल सर्जन नारनौल के आदेशानुसार उप स्वास्थ्य केंद्र रिवासा में टीबी जांच शिविर लगा। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीरबल, स्वास्थ्यकर्मी मनोज देवास, आशा वर्कर जगता व सुनीता ने 103 ग्रामीणों की टीबी स्क्रीनिंग की। 12 संभावित टीबी मरीजों के बलगम के सैंपल लिए गए।
शिविर के आयोजन में पवन एसटीएस, देवेंद्र हूमन कोरियर ने विशेष सहयोग दिया। इस स्वास्थ्य जांच शिविर में आए मरीजों के एचबी, बीपी और शुगर की जांच की गई और जांच उपरांत जिनको दिक्कत मिली उनको दवाइयां दी गईं। इस जांच शिविर में मुख्य रूप से महिलाएं, बुजुर्ग, टीबी के मरीजों के परिवार के सदस्य, खांसी-जुकाम, बुखार, शुगर व बीपी के मरीज शामिल रहे।
शिविर के समापन पर एसटीएस पवन कुमार, स्वास्थ्यकर्मी मनोज के साथ टीबी के मरीजों के घर जा करके उनके स्वास्थ्य का हाल चाल जाना। उन्होंने बताया कि फेफड़ों की टीबी में छह माह का पूरा दवा कोर्स लेने से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो जाता हैं। टीबी के मरीज का दवा का कोर्स चलता हैं तब तक सरकार की ओर से मरीज को खुराक लेने के लिए एक हजार रुपये प्रति माह प्रोत्साहन राशि दी जाती है।