किशोरियों की सेहत के लिए चाइल्ड पीजीआई में बनी गाइनिक यूनिट
- ओपीडी में 18 साल तक की लड़कियों को मिल सकेगा इलाज
- स्कूल-कालेज में भी जागरूकता कार्यक्रम करेगा चाइल्ड पीजीआई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अभी तक छोटे बच्चों के इलाज के लिए सुपरस्पेशियलिटी चिकित्सा सेवा दे रहा चाइल्ड पीजीआई अब किशोरियों की सेहत का भी ध्यान रखेगा। खासतौर पर उनके मासिक धर्म की समस्याओं के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती भी चाइल्ड पीजीआई में हो गई है।
निदेशक प्रो. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. आलोकिता शर्मा की तैनाती संस्थान में हो गई है। उनके आने के बाद अब पीडियाट्रिक गाइनिकोलॉजी यूनिट की शुरुआत कर दी गई है। चाइल्ड पीजीआई में 18 साल तक के बच्चों का इलाज करने की सुविधा है। ऐसे में बड़ी संख्या में किशोरियां भी इलाज कराने आती हैं। इनकी समस्याओं का समाधान, इलाज और मैनुस्ट्रुअल हाइजीन जैसे मुद्दों पर सलाह अब संस्थान में मिल पाएगी। ओपीडी में ही कमरा नंबर नौ में वह मरीजों को देखेंगीं।
प्रो. सिंह का कहना है कि इसके अलावा संस्थान स्कूल-कालेजों में भी जागरूकता शिविर लगाने की योजना बना रहा है। इसमें कुछ दिन तय करके किशोरियों को स्कूल-कालेज में ही मासिक धर्म और किशोर उम्र में होने वाले बदलाव के बारे में जागरूक किया जाएगा। डॉ. आलोकिता शर्मा इससे पहले जिला अस्पताल में भी सेवाएं दे चुकी हैं।
इनसेट
प्रसव की सुविधा नहीं देगा चाइल्ड पीजीआई
चाइल्ड प्रबंधन का कहना है कि स्त्री रोग विशेषज्ञ की भले ही तैनाती हो गई हो। लेकिन संस्थान में प्रसव की सुविधा शुरू करने की अभी कोई योजना नहीं है। इसकी वजह यह भी है कि चाइल्ड पीजीआई के केवल बच्चों के इलाज के लिए बनने की वजह से लेबर रूम और अन्य जरूरी सुविधाएं भी विकसित नहीं की गई हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती का खासतौर पर लाभ 18 साल से कम उम्र की लड़कियों के इलाज और चिकित्सकीय सलाह के लिए ही अभी होगा।