ग्रेटर नोएडा में बिसरख क्षेत्र में जीएसटी सलाहकार से 29 लाख रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिसकर्मी बनकर तीन लोगों ने उसे कार में करीब सात घंटे रखा और फर्जी एनकाउंटर की धमकी दी। वहीं पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता स्वेच्छा से गया था। मामले में एफआईआर दर्ज कर पांच टीमें जांच में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि प्राथमिकी जांच में मामला आपसी लेनदेन का है।
सेक्टर-1 ग्रेनो वेस्ट स्थित एगिन रॉयल सोसाइटी निवासी संदीप कुमार पेशे से जीएसटी सलाहकार है। वह 20 जुलाई 2026 को सुबह अपने पालतू कुत्ते के साथ अपनी कार से एटीएस चौक होते हुए ऐस्पायर स्थित अपने कार्यालय जा रहे थे। उन्हें अपने सहयोगी अनुराग का लैपटॉप देना था और उसके बाद कुत्ते को डॉग सैलून ले जाना था। जैसे ही वह ऐस्पायर की ओर मुड़े। अचानक एक गाड़ी उनकी उनकी कार को ओवरटेक करते हुए कार के सामने आकर रुक गई। इसमें से तीन लोग उतरे, जिनमें से एक ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और उस पर दो स्टार लगे थे। इन लोगों के पास हथियार थे, जिनके बल पर उन्होंने कार की खिड़की खोलकर संदीप से कहा कि उनके नाम से शिकायत दर्ज है। उन्हें साथ चलना होगा। इसके बा बदमाशों ने संदीप को पिछली सीट पर बैठाया और खुद उनकी कार चलाने लगे।
कुत्ते को किसी परिचित को सौंपने के लिए कहा गया और गाड़ी ऐस्पायर सोसाइटी टेक-जोन 4 के सामने खड़ी की गई। भागने की कोशिश में उनकी टी-शर्ट तक फट गई। इसके बाद बदमाश गौड़ सिटी, सेक्टर-32 मेट्रो स्टेशन होते हुए ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और फिर यमुना एक्सप्रेसवे पर निकल गए। रास्ते में कुत्ते को किसी चौथे व्यक्ति को सौंप दिया गया। दोपहर को गाड़ी जेवर टोल प्लाजा पार कर आगरा की ओर बढ़ी। इस दौरान बदमाशों ने संदीप और उनके परिवार को जान से मारने और जीएसटी के किसी मामले में फंसाने की धमकी दी और लखनऊ चलने को कहा।
आरोप है कि बदमाशों ने संदीप के घरवालों को फोन कर पहले 50 लाख और बाद में 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी। रास्ते में हाल में हुए एनकाउंटर की चर्चा कर उन्होंने पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाया। जिससे संदीप को अपनी जान का खतरा महसूस होने लगा। दबाव में आकर संदीप ने अपने बड़े भाई को फोन कर रुपयों का इंतजाम करने को कहा। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गाड़ी वापस जेवर टोल प्लाजा पार कर ग्रेटर नोएडा की ओर लौटी और नॉलेज पार्क होते हुए नोएडा एक्सप्रेसवे पहुंची।
संदीप ने अपने भाई को लोकेशन भेजी और कुलदीप नामक व्यक्ति को रुपये देने को कहा गया। एक बदमाश रास्ते में उतरकर कुत्ते को वापस गाड़ी में ले आया। भाई द्वारा 29 लाख रुपये देने के बाद बदमाशों ने संदीप को सेक्टर-96 नोएडा प्राधिकरण के पास अंडरपास पर गाड़ी सहित छोड़ दिया और घटना की जानकारी किसी को न देने की धमकी देकर फरार हो गए। घबराहट में उनकी पत्नी ने 112 नंबर पर कॉल की, जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी। जेवर टोल प्लाजा, नॉलेज पार्क स्थित मैकडॉनल्ड समेत कई स्थानों की सीसीटीवी फुटेज जुटाकर पुलिस को उपलब्ध कराई है। जेवर टोल प्लाजा की फुटेज में आरोपी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
वहीं डीसीपी सेंटल नोएडा शैलेंद्र सिंह का कहना है कि घटना के संबंध में शिकायतकर्ता से जीएसटी अधिकारी के रूप में पैसा लिए जाने की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता स्वेच्छा से संबंधित लोगों के साथ गया था और उसके द्वारा पैसा दिया गया। इसके बाद उसे वापस लाकर ड्रॉप कर दिया गया। शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी पंजीकृत की गई है। मामले की जांच और साक्ष्य संकलन के लिए पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया है।