-ग्रेटर नोएडा की कासा रॉयल हाउसिंग प्रोजेक्ट में करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप
-सीबीआई अब तक 19 बिल्डर कंपनियों के खिलाफ दाखिल कर चुकी है चार्जशीटमाई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। घर खरीदारों निवेशकों के साथ बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी के मामलों में जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए अर्थकॉन यूनिवर्सल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-1 स्थित प्लॉट नंबर जीएच-10 में बनी हाउसिंग प्रोजेक्ट कासा रॉयल से जुड़ी धोखाधड़ी को लेकर है। यह चार्जशीट राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट नई दिल्ली स्थित विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) की अदालत में पेश की गई है। सीबीआई अब तक 19 बिल्डर कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके निदेशकों ने निवेशकों को झूठे आश्वासन और फर्जी प्रतिनिधित्व के जरिए लुभाया और अवैध व छलपूर्ण तरीकों से आर्थिक लाभ हासिल किया। जांच में पर्याप्त सबूत मिलने के बाद भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित प्रासंगिक धाराओं के तहत सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। बताया गया है कि सीबीआई फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में देशभर के विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज 30 अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
अब तक 19 चार्जशीट दाखिल :
इससे पहले सीबीआई मेसर्स रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस, ड्रीम प्रोकॉन, जेपी इंफ्राटेक, एवीजे डेवलपर्स, सीएचडी डेवलपर्स, सीक्वल बिल्डकॉन, लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स, मंजू जे होम्स इंडिया, शुभकामना बिल्डटेक, निनेक्स डेवलपर्स, डिसेंट बिल्डवेल, रुद्र बिल्डवेल प्रोजेक्ट्स, इथाका एस्टेट, एलजीसीएल अर्बन होम्स, साहा इंफ्राटेक, एमकेएचएस हाउसिंग एलएलपी और ओजोन अर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स सहित इनके निदेशकों और कुछ बैंकों व वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ कुल 18 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। अर्थकॉन के मामले के साथ यह आंकड़ा अब 19 पर पहुंच गया है।