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Noida News: कोर्ट में नहीं साबित हुआ जुर्म, हत्याकांड के तीनों आरोपी बरी

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(अदालत से)
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- कोर्ट ने कहा- संदेह कितना भी मजबूत हो, उसे प्रमाण नहीं माना जा सकता


माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला अदालत ने बहुचर्चित पवन उर्फ जस्सी हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए हत्या और षड़यत्र के आरोप में नामजद तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। मामला थाना सूरजपुर क्षेत्र के वर्ष 2021 के चर्चित हत्या कांड से जुड़ा है। मामले में पवन उर्फ जस्सी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई विनोद ने 23 अगस्त 2021 को थाना सूरजपुर में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उसका भाई 21 अगस्त 2021 को लोटस पार्क सोसाइटी स्थित फ्लैट में कुलदीप चपराणा, मोनू भाटी और दीपू उर्फ दीपक के साथ पार्टी कर रहा था। आरोप था कि तीनों ने मिलकर पवन उर्फ जस्सी की गोली मारकर हत्या कर दी। तहरीर में रविंद्र नागर का नाम भी लिया गया था और कहा गया था कि मृतक के पैसे रविंद्र पर उधार थे। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और बाद में कुलदीप चपराणा, दीपू उर्फ दीपक तथा मोनू कुमार के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
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मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए, लेकिन जिरह के दौरान पुलिस विवेचना की गंभीर कमियां सामने आ गईं। पुलिस कथित पिस्टल को किसी आरोपी से वैज्ञानिक रूप से जोड़ने में विफल रही। न तो फिंगर प्रिंट रिपोर्ट पेश की गई और न ही डीएनए संबंधी कोई वैज्ञानिक साक्ष्य अदालत में लाया गया। न्यायालय ने माना कि अभियोजन यह सिद्ध नहीं कर सका कि घटना के समय वास्तव में आरोपी फ्लैट के अंदर मौजूद थे। आयुध अधिनियम से जुड़े आरोपों पर भी अदालत ने अभियोजन को विफल माना। अदालत ने फैसले में कुलदीप चपराणा और दीपू उर्फ दीपक को आरोपों से बरी कर दिया। वहीं मोनू कुमार को सभी धाराओं से दोषमुक्त कर दिया गया।
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