वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में बैंकों व डाकघरों में अधिक बचत
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम, सुकन्या समृद्धि, पीपीएफ आदि योजनाओं में जमा हुए 106.83 करोड़ रुपये
नेहा शर्मा
नोएडा। लघु बचत योजनाओं पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंक और डाकघरों के माध्यम से संचालित विभिन्न लघु बचत योजनाओं में 106.83 करोड़ रुपये जमा हुए, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 से चार करोड़ रुपये ज्यादा हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 102.83 करोड़ रुपये जमा हुए थे।
बचत कार्यालय विभाग को यह आंकड़ा डाकघरों और बैंकों से मिला है। विभाग का कहना है कि बढ़ता निवेश दिखाता है कि लोग सुरक्षित और दीर्घकालिक बचत को प्राथमिकता दे रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि योजनाओं में निवेश बढ़ने का प्रमुख कारण इनकी सुरक्षा है। खासतौर पर बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में अभिभावकों की रुचि बढ़ रही है। वहीं, वरिष्ठ नागरिक अपनी नियमित आय सुनिश्चित करने के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम और मंथली इनकम स्कीम को प्राथमिकता दे रहे हैं। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर लोगों का झुकाव बढ़ा है, जिसका असर लघु बचत योजनाओं में जमा राशि पर भी दिखाई दे रहा है।
इन योजनाओं में कर रहे निवेश
आंकड़ों के अनुसार, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी), किसान विकास पत्र (केवीपी), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), मंथली इनकम स्कीम (एमआईएस), फाइव ईयर टाइम डिपॉजिट, थ्री ईयर टाइम डिपॉजिट, टू ईयर टाइम डिपॉजिट और वन ईयर टाइम डिपॉजिट जैसी योजनाओं में लोगों ने बड़ी संख्या में निवेश किया है।
कोट
लघु बचत योजनाओं में लगातार बढ़ रहा निवेश इस बात का संकेत है कि लोग आर्थिक रूप से अधिक जागरूक हो रहे हैं। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठाएं। -अरविंद कुमार मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट