ग्रेनो वेस्ट मेट्रो के लिए प्रोजेक्ट इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) ने सिफारिश कर दी है। बजट पर सहमति और प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने में अब केवल कैबिनेट का अप्रूवल बाकी है। ऐसे में नए साल की शुरुआत में ग्रेनो वेस्ट मेट्रो का निर्माण कार्य शुरू होने के आसार हैं।
दिल्ली में बीते 17 नवंबर को पीआईबी की बैठक हुई थी। बैठक में सेक्टर-51 नोएडा से नॉलेज पार्क-5 ग्रेटर नोएडा तक ग्रेनो वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर की चर्चा हुई थी। फाइनेंस सेक्रेट्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स के सचिव के अलावा अलग-अलग मंत्रालयों के अधिकारी और नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) की एमडी भी उपस्थित रहीं।
बैठक में एमडी रितु माहेश्वरी ने पीआईबी के सामने प्रजेंटेशन दिया। प्रजेंटेशन के बाद पीआईबी ने सहमति जताई है। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही प्रोजेक्ट पर अपनी संस्तुति दे चुकी है। अब इसके बाद प्रोजेक्ट को कैबिनेट अप्रूवल के लिए पेश किया जाएगा। यहां से मंजूरी के बाद प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू होने का रास्ता खुल जाएगा। हालांकि इस प्रक्रिया में करीब एक से दो माह का समय लग सकता है।
ग्रेनो वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू कराने के लिए पांचवीं बार टेंडर निकाला जाएगा। चौथी बार में तीन एजेंसियां सामने आ गई थीं। लेकिन डीपीआर को मंजूरी नहीं मिली थी। लिहाजा एनएमआरसी की एमडी की ओर से डीपीआर की मंजूरी के बाद ही टेंडर निकालने का फैसला लिया गया था। जिससे एजेंसी चयन के बाद काम शुरू कराया जा सके।
पहले के दो बार में दो-दो एजेंसियां आईं। तीसरी और चौथी बार में भी दो-दो एजेंसियों ने टेंडर डाले थे। लेकिन बाद में टेंडर निरस्त कर दिया गया। 14.958 किमी लंबे कॉरिडोर को बनाने में 2197.49 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कॉरिडोर में 9 स्टेशन होंगे। एनएमआरसी की कोशिश है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट कॉरिडोर का काम जल्द से जल्द शुरू हो जाए।
तीन लाख परिवारों को होगा सीधा फायदा
परियोजना के पूरा होने पर करीब तीन लाख परिवारों को सीधा फायदा होगा। इसमें दो लाख परिवार ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन के होंगे। इसके अलावा आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को भी इससे लाभ होगा। वहीं नोएडा के सेक्टर-118, 119, 122, 121, 123 सहित अन्य सेक्टरों के निवासियों को भी लाभ मिलेगा।
फैक्ट फाइल:
ग्रेनो वेस्ट कॉरिडोर
- पूरा कॉरिडोर एलिवेटेड होगा
- कॉरिडोर पर चार कोच की मेट्रो दौड़ेगी
- एक फेरे में 1034 यात्रियों को आनेजाने की सुविधा
- एक्वा लाइन की तर्ज पर यहां भी क्यूआर टिकट, स्मार्ट कार्ड और मोबाइल ऐप के माध्यम से टिकटों की सुविधा मिल पाएगी।
- अधिकतम गति 95 किमी प्रति घंटा होगी
- सामान्य गति 35 किमी प्रति घंटा रहेगी
- कॉरिडोर का निर्माण कार्य दो चरणों में होगा
पहला चरण
- सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-2 तक 9.605 किमी का कॉरिडोर बनेगा
बनाए जाएंगे 5 स्टेशन
नोएडा सेक्टर-122, नोएडा सेक्टर-123, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4, ईकोटेक और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2
पहला चरण
- 5.353 किमी कॉरिडोर बनेगा
बनाए जाएंगे चार स्टेशन
ग्रेटर नोएडा सेक्टर-3, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-10, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-12 और ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क-5 स्टेशन