- अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों का लाभ लेने बिल्डर्स के लिए बन रही योजना
- शनिवार को बोर्ड की बैठक में हो सकता बड़ा फैसला
- आवासीय संपत्तियों के लिए ओटीएस भी लागू करने की तैयारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा।
ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट में करीब 44500 होम बायर्स की लीज डीड पर प्राधिकरण फैसला लेगा। शनिवार को होने वाली बोर्ड बैठक में प्राधिकरण एक प्रस्ताव रखेगा, जिसमें 25 प्रतिशत से अधिक बकाया जमा कर चुके बिल्डर्स के लिए पॉलिसी तय होगी। इससे फ्लैटों की सालों से लंबित लीज डीड करने में तेजी आएगी। इसके अलावा आवासीय संपत्तियों के बकाया को बिना दंड शुल्क के जमा करने के लिए ओटीएस भी प्राधिकरण लागू कर सकता है।
प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब 62 हजार फ्लैटों की रजिस्ट्री लंबित हैं। करीब 117 प्रोजेक्टों के इन फ्लैटों में अमिताभ कांत समिति की सिफारिशें लागू होने के बाद करीब 17,500 फ्लैटों की लीज डीड कराई जा चुकी है। इतने कम समय में बड़ी संख्या में प्राधिकरण ने राहत दिलाई है। अभी बाकी फ्लैट बायर्स की भी लीज डीड होनी हैं। ऐसे में जरूरी है कि इसे तेज करनेे के लिए इसके लिए प्रक्रिया तय की जाए। जो प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा जा रहा। उसमें 25 प्रतिशत से अधिक पैसा जमा करने वाले बिल्डर्स को अतिरिक्त समय भी लीज डीड करने के लिए दिया जा सकता है। वहीं, समिति की सिफारिशों का लाभ लेने के बाद भी तय अवधि में बकाया नहीं जमा करने वाले बिल्डर्स पर कार्रवाई के लिए भी बोर्ड से निर्देश लेना है।
इसके अलावा आवासीय संपत्तियों के लिए एकमुश्त समाधान योजना-ओटीएस का प्रस्ताव भी बोर्ड में जाएगा। प्राधिकरण ने कहा कि ऐसी संपत्तियों को चयनित किया जा रहा है, जिनका बकाया नहीं जमा हो रहा। ओटीएस लागू हुई तो इन खरीदारों को दंड शुल्क जमा नहीं करना होगा। केवल साधारण ब्याज सहित बकाया जमा कर संपत्तियों की लीज डीड आवंटी करा सकेंगे। यमुना प्राधिकरण ने भी पिछले दिनों अपनी बोर्ड बैठक से फैसला कर ओटीएस लागू की है।
विकास कार्य के लिए बनेगा कॉर्पस फंड
ग्रेटर नोएडा के पूरी तरह बसने के बाद रखरखाव के लिए फंड की कमी न हो। इसके लिए ग्रेनो प्राधिकरण एक कॉर्पस फंड बनाने पर विचार कर रहा है। इसमें लीज रेंट का एक भाग जमा किया जाएगा। प्राधिकरण की कोशिश है कि इसके लिए बनी नियमावली में मूल फंड की जगह ब्याज की रकम को ही खर्च करने की अनुमति दी जाए। नोएडा प्राधिकरण पहले ही इस तरह के फंड को बनाने पर फैसला कर चुका है।
नए आईआईडीसी की पहली बोर्ड बैठक
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन और अपर मुख्य सचिव व आईआईडीसी दीपक कुमार के चार्ज लेने के बाद यह पहली बोर्ड बैठक होगी। इस बोर्ड बैठक में प्राधिकरण के कामों को लेकर भी उनका प्रजेंटेशन होना है। इसमें प्राधिकरण के नए प्रोजेक्टों पर फोकस किया जाएगा। इसमें मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।