योगी कर चुके हैं पहले एक डाटा सेंटर पार्क का उद्घाटन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्रेटर नोएडा में पहले ही एक डाटा सेंटर पार्क का उद्घाटन कर चुके हैं। अब पांच और भूखंड की योजना आई है। दूसरे चरण में भी यहां पर करीब इतने ही डाटा सेंटर पार्क बनाने की योजना है। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी भविष्य में डाटा सेंटर पार्क लाने की योजना बना रखी है।
दरअसल, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, यमुना एक्सप्रेसवे और बुद्ध सर्किट से नजदीकी के कारण बेहतर कनेक्टिविटी और ट्रांजिट सिस्टम के रूप में देश में अपनी तरह की पहली विश्वस्तरीय परियोजना समेत तमाम सुविधाओं का लाभ प्लॉट लेकर औद्योगिक इकाई लगाने वालों को मिलेगा।
औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने के लिए सरकार की गठित संस्था इनवेस्ट यूपी और यीडा की वेबसाइट पर डाटा सेंटर भूखंड योजना का आंकड़ा साझा किया गया है। करीब 1.25 लाख वर्गमीटर के लिए प्रति वर्ग मीटर की दर 12786 रुपये निर्धारित की गई है। इस परियोजना में बैंक ऑफ बड़ौदा बैंकिंग पार्टनर के रूप में हिस्सेदारी निभाएगा।
हीरानंदानी समूह करेगा यीडा में निवेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ के आग्रह पर रियलस्टेट कारोबारी हीरानंदानी समूह के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दर्शन नंदानी ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में डाटा सेंटर पार्क के लिए 800 करोड़ रुपये का निवेश किया था। अब समूह ने यीडा क्षेत्र में भी निवेश करने की इच्छा व्यक्त की है। समूह ने डाटा सेंटर पार्क के अलावा सेमीकंडक्टर इकाई लगाने के लिए भी जमीन मांगी है।
समूह की ओर सेमीकंडक्टर इकाई बनाकर उत्पादन करने का प्रस्ताव यूपी सरकार को दिया था। इसमें 100 एकड़ भूमि मांगी गई थी। अब यही प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष दिया है। इस सेमीकंडक्टर की पूरी कार्ययोजना को यमुना प्राधिकरण के समक्ष भी प्रेषित किया है। इस पर प्राधिकरण ने सेक्टर-28 में जमीन की तैयारी भी कर ली है। समूह ने प्राधिकरण को कार्ययोजना के तहत बताया कि इकाई के लिए पहले चरण में प्रति घंटे दो लाख लीटर और दूसरे चरण में 7.5 लाख लीटर पानी की और 50 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी।
निवेश और रोजगार दोनों से होगा यीडा सरोबार
ग्रेनो वेस्ट स्थित हीरानंदानी समूह के डाटा सेंटर पार्क की तरह यमुना प्राधिकरण ने डाटा सेंटर पार्क बनाने की योजना बनाई है। इसमें न सिर्फ प्रदेश सरकार को मोटा निवेश मिलेगा बल्कि रोजगार भी पैदा होंगे। साथ ही पूरे देश के मोबाइल डाटा भी सुरक्षित रखा जा सकेगा।
यमुना प्राधिकरण ने सेक्टर-28 को डाटा सेंटर पार्क का हब बनाया जाएगा। यहां पर पहले चरण में पांच प्लॉट लाए गए हैं और जल्द ही दूसरे चरण भी शुरू किया जाएगा। इससे यहां पर 15 से अधिक डाटा सेंटर की योजना लाई जाएगी। - डॉ.अरुणवीर सिंह सीईओ यीडा