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Noida News: ग्रेनो वेस्ट मेट्रो को पीआईबी की मंजूरी, अब केंद्रीय कैबिनेट की स्वीकृति बाकी

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- 22 जुलाई को मंत्रालय में हुआ परियोजना का प्रस्तुतिकरण, एनएमआरसी कैबिनेट मंजूरी के लिए भेजेगा प्रस्ताव
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नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की बड़ी आबादी की मेट्रो की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ी है। सेक्टर-51 से ग्रेनो वेस्ट के सेक्टर-4 (किसान चौक) तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) से मंजूरी मिल गई है। अब इस परियोजना को अंतिम स्वीकृति केंद्रीय कैबिनेट से मिलनी शेष है। इसके बाद नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) निविदाएं जारी करेगा।



पीआईबी की मंजूरी के लिए एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक कृष्ण करुणेश ने 22 जुलाई को मंत्रालय में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया था। मंजूरी मिलने के बाद शुक्रवार को परियोजना को एनएमआरसी बोर्ड के सामने रखा गया। एनएमआरसी के कार्यकारी निदेशक क्रांति शेखर सिंह ने पीआईबी मंजूरी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को हुई बैठक में बोर्ड को इस बारे में अवगत करा दिया गया। बोर्ड से त्रैमासिक व्यय की मंजूरी भी ली गई है। ग्रेनो वेस्ट की आबादी लंबे समय से मेट्रो की मांग कर रही है। पीआईबी की मंजूरी के लिए इस प्रस्तुतीकरण का एनएमआरसी को लंबे समय से इंतजार था। यह परियोजना एक्वा लाइन के सेक्टर-51 स्टेशन से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 (किसान चौक) तक चलाई जानी प्रस्तावित है।
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900 करोड़ की लागत, 7.5 किमी लंबा होगा रूट

इस मेट्रो कॉरिडोर की अनुमानित लागत करीब 900 करोड़ रुपये है। यह कॉरिडोर लगभग 7.5 किमी लंबा होगा। यह सेक्टर-51 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक तक जाएगा। इस रूट पर 5 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें सेक्टर-61, 70, 122, 123 और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 (किसान चौक के पास) शामिल हैं। एनएमआरसी ने मेट्रो संचालन शुरू होने पर प्रतिदिन दो लाख यात्रियों का अनुमान बताया है।



10 लाख की आबादी को मिलेगी सुविधा

ग्रेनो वेस्ट में करीब 150 सोसाइटी और आसपास के गांव हैं। यहां 10 लाख से अधिक आबादी निवास करती है। यह आबादी लंबे समय से मेट्रो की मांग कर रही है। वर्तमान में इस क्षेत्र में कोई सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध नहीं है। इसलिए नोएडा-दिल्ली के नजदीक होने के बावजूद ग्रेनो वेस्ट दूर होने का एहसास होता है।
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2022 में भी मिली थी मंजूरी

दिसंबर 2022 में भी ग्रेनो वेस्ट मेट्रो को एक बार पीआईबी की मंजूरी मिली थी। तब यह रूट सेक्टर-51 से बाबा बालकनाथ मंदिर के सामने से होते हुए सेक्टर-122, 123 और ग्रेनो वेस्ट के सेक्टर-4, ईकोटेक-12 व सेक्टर-2 में स्टेशन प्रस्तावित थे। उस कॉरिडोर की लंबाई 9.605 किलोमीटर थी। पीआईबी मंजूरी के बाद कैबिनेट में प्रस्ताव जाने से पहले मंत्रालय स्तर पर बदलाव हुए। एक्वा मेट्रो की डीएमआरसी की ब्लू लाइन मेट्रो के कॉमन प्लेटफार्म की संभावनाएं सेक्टर-61 में तलाशी गईं, जिससे रूट बदला गया। गाजियाबाद से जेवर तक आरआरटीएस कॉरिडोर प्रस्तावित होने के कारण भी यह मेट्रो रूट अब तक फंसा रहा।
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