सभी पर 50-50 हजार का जुर्माना लगाया गया है, साथ ही ग्रैप के नियमों का पालन करने का नोटिस जारी किया है। वहीं, ग्रेनो में वायु प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ने लगा है। मंगलवार को ग्रेटर नोएडा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ग्रेनो की टीम ने मंगलवार को ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के नियमों का पालन नहीं करने पर 10 कंपनियों पर कार्रवाई की है। सभी पर 50-50 हजार का जुर्माना लगाया गया है, साथ ही ग्रैप के नियमों का पालन करने का नोटिस जारी किया है। वहीं, ग्रेनो में वायु प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ने लगा है। मंगलवार को ग्रेटर नोएडा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा।
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एक अक्तूबर से ग्रैप लागू हो चुका है, लेकिन ग्रेनो में इसका उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई नहीं हो रही थी। मंगलवार को यूपीपीसीबी के अफसरों ने ग्रेनो वेस्ट और ग्रेनो के आरएमसी प्लांट पर कार्रवाई की। यूपीपीसीबी ग्रेटर नोएडा के क्षेत्रीय अधिकारी देव कुमार गुप्ता ने बताया कि गौतमबुद्ध बालक इंटर कॉलेज के पास और इकोटेक-तीन के उद्योग केंद्र ब्लाॅक में सात आरएमसी प्लांट में ग्रैप के नियमों का उल्लंघन मिला।
वहां पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा था। निर्माण सामग्री खुले में पड़ी थी। इन सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-तीन में ही एक पैकेजिंग कंपनी पर भी 50 हजार का जुर्माना लगाया है। वहीं, बिल्डिंग मेटेरियल सामग्री की दो दुकानों पर भी 50-50 हजार का जुर्माना लगाया गया है। अफसरों ने बताया कि पानी का छिड़काव भी लगातार कराया जा रहा है।
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देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा ग्रेनो
एक दिन की राहत के बाद ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) फिर बढ़ना शुरू हो गया है। मंगलवार को ग्रेनो का एक्यूआई 250 पहुंच गया है, जबकि सोमवार को यह 214 रहा था। एक्यूआई बढ़ने से ग्रेनो मंगलवार को देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा है। वहीं नोएडा का एक्यूआई 159 रहा है।