टीना की सहकर्मी किरन ने बताया कि तिलपत्ता चौक गोलचक्कर से गुजरने के दौरान एक केंटर ने बस में पीछे से टक्कर मारी थी। इससे बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद चालक ने आगे का शीशा तोड़कर सभी कर्मियों को बाहर निकाला। वहीं, पुलिस का कहना है कि चालक तड़के साढ़े चार बजे से ही महिलाओं को उनके घर से लेने गया था। ऐसे में आशंका है कि चालक को नींद की झपकी लगने से बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलटी है। हालांकि पुलिस हादसे की जांच कर रही है।
बेटा बनकर टीना ने उठाई थी परिवार की जिम्मेदारी
किरन ने बताया कि टीना तीन बहनों में दूसरे नंबर की है। चौथे नंबर का भाई सबसे छोटा है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके चलते टीना ने परिजन से कहा था कि वह बेटा बनकर उनका हाथ बंटाएगी। इसके चलते टीना लड़कों के कपड़े पहनकर लंबे समय से परिवार का सहारा बनने के लिए काम कर रही थी। किरन ने बताया कि वह बस में बाईं ओर सबसे आगे की सीट पर थी और टीना दूसरे नंबर की सीट पर बैठी थी। संभवत: टीना की खिड़की शीशा खुला था और उसकी आंख लग गई थी। बस पलटने पर उसका सिर सड़क से टकरा गया। जिससे उसकी मौत हो गई।