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पोती ने दादी के शव को कंधे पर रखकर दो मंजिल नीचे एंबुलेंस तक पहुंचाया

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नोएडा। सेक्टर-35 स्थित गरिमा विहार में सोमवार को एक परिवार को जो देखना पड़ा, वह मानवता को शर्मसार करने वाला था। कोरोना संक्रमित परिवार में 94 वर्षीया हेमा त्रिवेदी की मृत्यु होने के बाद कोई शव को श्मशान घाट तक ले जाने के लिए आगे नहीं आया। जबकि, वृद्धा संक्रमित भी नहीं थीं। उनकी पोती और पुत्रवधू लोगों से गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई भी तैयार नहीं हुआ। मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा तो एंबुलेंस वहां भेजी गई, लेकिन चालक ने भी शव को हाथ लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद 24 वर्षीया पोती ने ही पीपीई किट पहनकर एक सुरक्षाकर्मी की मदद से शव को कंधे पर लादा और दो मंजिल नीचे एंबुलेंस तक पहुंचाया। दोपहर करीब दो बजे अंतिम संस्कार हो सका।
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मूल रूप से उत्तराखंड निवासी हेमा त्रिवेदी का परिवार गरिमा विहार के प्लॉट संख्या-ए-124 में दूसरी मंजिल पर रहता है। 94 वर्षीया हेमा की पिछले दिनों कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। इसके बाद से ही वह बीमार चल रही थीं। उनके बेटे, पुत्रवधू और पोती को कोरोना संक्रमण हो गया। बेटा एक निजी अस्पताल में भर्ती है। जबकि, पोती और पुत्रवधू होम आइसोलेट हैं। हालांकि, पोती गार्गी स्वस्थ हो चुकी है। उसने बताया कि सोमवार सुबह करीब पौने आठ बजे दादी का निधन हो गया।
उन्होंने आसपास रहने वालों से अंतिम संस्कार के लिए शव को श्मशान घाट तक ले जाने के लिए मदद मांगी, लेकिन कोई नहीं आया। करीब चार घंटे तक शव घर में ही रहा। मामला फोनरवा के महासचिव केके जैन तक पहुंचा तो उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से डीएम से मदद मांगी। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने तत्काल ही एक एंबुलेंस मौके पर भेजी। गार्गी ने बताया कि चालक अकेला था और उसने शव को हाथ लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने खुद ही पीपीई किट पहनी और शव को कंधों पर लादकर नीचे खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाया।
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देश सेवा के लिए मिला सम्मान, पर बेड को तरसे
सेक्टर-93 निवासी मेजर जनरल (अवकाश प्राप्त) को सोमवार को सांस लेने में परेशानी होने पर परिजन कई अस्पतालों में पहुंचे, लेकिन बेड नहीं मिला। काफी मशक्कत के बाद ग्रेटर नोएडा के एक छोटे अस्पताल में भर्ती करवाया जा सका। परिजनों का कहना है कि वह संक्रमित हैं। उन्हें देश सेवा के लिए सम्मानित किया जा चुके है, लेकिन जरूरत के समय कोई काम नहीं आया।
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