नोएडा के सीईओ ने कहा- दो प्लॉट की योजनाएं लाया है प्राधिकरण
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा।
अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने कहा कि देश के एमएसएमई क्षेत्र में सबसे ज्यादा योगदान उत्तर प्रदेश से है। चाहे ओडीओपी हो या छोटे उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना प्रदेश सरकार जिला स्तर पर कई प्रयास कर रही है। 25 से 29 अक्तूबर तक होने वाला यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो भी एमएसएमई पर आधारित है। नोएडा प्राधिकरण का भी पूरा ध्यान एमएसएमई को बढ़ावा देने पर है।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई में विनिर्माण व सेवा क्षेत्र भी शामिल कर लिया गया है। इस तरह से क्षेत्र का और विस्तार हुआ है। नोएडा प्राधिकरण इसे बढ़ावा देने के लिए मैन्युफैक्चरिंग व छोटे औद्योगिक प्लॉट लाया है। आगे की भी तैयारी है। उद्यमियों की कोई बड़ी समस्या प्राधिकरण से जुड़ी हुई नहीं है। संपत्ति स्थानांतरण व अतिक्रमण की नोटिस के निस्तारण को ही ज्यादातर उद्यमी प्राधिकरण आते हैं। सीईओ ने दावा किया कि उन्होंने औद्योगिक विकास विभाग के कामकाज को इतना सरल और सहज बनाया हुआ है कि उद्यमियों के काम आसानी से हो जाते हैं। प्राधिकरण के पास औद्योगिक प्लॉट के लिए अब सीमित जगह बची है। इससे निपटने पर मंथन चल रहा है।
उद्यमियों को समस्या तो शिकायती पत्र की जरूरत नहीं
सीईओ ने कहा कि उद्यमियों की शिकायत व समस्या निस्तारण को प्राधिकरण हर समय तैयार है। अगर किसी उद्यमी की कोई शिकायत या समस्या है तो वो पत्र देने के साथ ही व्यक्तिगत मिल सकता है। व्हॉट्सएप पर अगर किसी उद्यमी की शिकायत पाता हूं तो जिम्मेदार अधिकारी को मौके पर भेजता हूं।
न्यू नोएडा में आएंगे उद्यमियों के लिए आवासीय प्लॉट
कॉन्क्लेव में सवाल उठा कि पहले नोएडा यहां उद्योग लगाने वाले उद्यमी को रहने के लिए आवासीय प्लॉट का भी आवंटन करता था। इस पर प्राधिकरण के सीईओ ने कहा कि अभी नोएडा में जमीन नहीं बची है। आगे न्यू नोएडा में इसकी तैयारी की गई है। वे खुद चाहते हैं कि इंडस्ट्री के कर्मचारी से लेकर सीईओ तक ज्यादा दूरी पर न रहें। महिला उद्यमियों के लिए आरक्षित औद्योगिक प्लॉट के सवाल पर सीईओ ने कहा कि भविष्य में इसे लेकर न्यू नोएडा में योजना बनाई जाएगी।