दीपक के छोटे भाई प्रिंस ने बताई उस रात की कहानी
गोरखपुर। पशु तस्करों ने दीपक से पहले उसके छोटे भाई प्रिंस को पकड़ने की कोशिश की थी। लेकिन वह किसी तरह बचकर भाग निकला। प्रिंस ने बताया कि तस्करों ने खुद को पुलिस बताकर उसका हाथ पकड़ लिया था। जब उसे गाड़ी में बैठाने लगे तो उसने झटके से हाथ छुड़ा लिया और दौड़कर बच निकला। इसके बाद तस्करों ने आगे जाकर दीपक को पकड़ लिया और उसे गाड़ी में डालकर ले गए।
प्रिंस ने बताया कि सोमवार रात भोजन करने के बाद सभी लोग सोने चले गए थे। बुआ का बेटा मोनू और बाबा फर्नीचर की दुकान पर सोए हुए थे। रात में जब पशु तस्कर वहां पहुंचे तो उनकी नींद खुल गई। इसके बाद मोनू ने तुरंत चाचा को फोन कर घटना की जानकारी दी। प्रिंस ने बताया कि पापा और चार लोग एक साथ गाड़ी लेकर निकले। उनके पीछे वह खुद और दोनों चाचा भी तुरंत निकल पड़े। तस्कर दो गाड़ियों से आए थे और पीछा छुड़ाने के लिए उन्होंने टक्कर मारने की कोशिश की। इस दौरान एक चाचा ने एक तस्कर की गर्दन पकड़ ली लेकिन तभी दूसरे ने पिस्टल तान दी। प्रिंस ने कहा कि तस्करों में से एक ने खुद को पुलिस बताकर उसका हाथ पकड़ लिया था। जैसे ही दूसरे ने कहा कि इसे गाड़ी में डालो, इस पर वह हाथ छुड़ाकर भाग निकला। आगे दूसरी गाड़ी फंस गई, उसके पास निकलने का रास्ता नहीं था। तभी आगे दीपक गिर पड़ा और तस्करों ने मौके का फायदा उठाकर उसे पकड़ लिया।