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Gorakhpur News: घूंघट की आड़ से शिकार...पलक झपकते ही उड़ातीं थी झुमके और हार- हाईटेक है गैंग

Tue, 16 Sep 2025 01:41 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

गुड्डी से मिले सुराग के आधार पर सहडौल की रहने वाली शीला, मरवठ की रहने वाली सुनीता, करवनिया की पूजा और गगहा के राउतपार निवासी अशोक यादव को गिरफ्तार किया गया। गुड्डी के खिलाफ शाहपुर और एम्स थाने में तीन, शीला पर गीडा व बड़हलगंज में तीन, सुनीता पर दो और पूजा पर कैंट, गुलरिहा, शाहपुर और एम्स थाने में चार मामले दर्ज हैं।
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गीडा में गिरफ्तार आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शहर में सक्रिय लुटेरी महिलाओं के गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। यह गिरोह ऑटो में सफर करने वाली महिलाओं को शिकार बनाता था। गैंग की महिलाएं कभी सलवार-कुर्ता तो कभी साड़ी पहनकर घूंघट में निकलतीं थीं। बातचीत और हंसी-मजाक के दौरान पास बैठी महिलाओं के झुमके और हार सरीखे जेवर उड़ाकर अगले चौराहे पर उतर जातीं थीं और दूसरे ऑटो में बैठकर निकल जातीं थीं।
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गीडा पुलिस ने गैंग की चार महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर शनिवार को ही जेल भिजवा दिया है। ऑटो में महिलाओं के साथ जेवरात चोरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए शातिर चोरों को पकड़ने के लिए शहर के सभी थानों से दो-दो महिला सिपाहियों को लगाया गया था।

ऑटो में महिलाओं के साथ जेवरात चोरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए शातिर चोरों को पकड़ने के लिए शहर के सभी थानों से दो-दो महिला सिपाहियों को लगाया गया था। सादे कपड़े में ये महिला सिपाही जेवरात पहनकर अलग-अलग रूट पर ऑटो में सफर कर रहीं थीं।

एसपी नॉर्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सबसे पहले गीडा चौराहे पर एक ऑटो में बड़हलगंज क्षेत्र के सहडौल की रहने वाली गुड्डी को पकड़ा गया। कड़ाई से पूछताछ हुई तो उसने पूरे गिरोह के बारे में बता दिया। गुड्डी से मिले सुराग के आधार पर सहडौल की रहने वाली शीला, मरवठ की रहने वाली सुनीता, करवनिया की पूजा और गगहा के राउतपार निवासी अशोक यादव को गिरफ्तार किया गया। 

गुड्डी के खिलाफ शाहपुर और एम्स थाने में तीन, शीला पर गीडा व बड़हलगंज में तीन, सुनीता पर दो और पूजा पर कैंट, गुलरिहा, शाहपुर और एम्स थाने में चार मामले दर्ज हैं।
पकड़ी गई इन महिलाओं ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि सुबह और शाम भीड़भाड़ के समय ऑटो में सवार होती थीं।

अधेड़ और बुजुर्ग महिलाएं जेवर पहने दिखतीं तो उसके पास बैठ जातीं थीं। बातचीत करते उनसे घुल-मिलकर जातीं थीं और मौका देख गहने उड़ा लेतीं थीं। कभी गले से चेन, तो कभी मंगलसूत्र और कान की बाली निशाने पर होती थी। एक-दूसरे को इशारा कर काम करती थीं ताकि किसी और को संदेह न हो।

चोरी के जेवर बेचकर पूरे करतीं थीं शौकगैंग की महिलाएं चोरी के जेवर बेचकर घर चलाने के साथ अपने शौक भी पूरे करतीं थीं। पुलिस को आरोपी महिलाओं के पास से गहने नहीं मिले हैं। पुलिस गैंग से जुड़ी अन्य महिलाओं की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि इनके तार गोरखपुर के अलावा बस्ती, देवरिया और कुशीनगर तक फैले हुए हैं और इनके खिलाफ कई थानों में केस दर्ज हैं।

कार से भीड़ इलाकों में जाती थीं गैंग की महिलाएं
महिलाओं ने पूछताछ में बताया कि भीड़ वाले इलाकों में कार में जाती थीं। इसमें गगहा के राउतपार का रहने वाला अशोक यादव मदद करता था। इसके एवज में उसे भी रुपये दिए जाते थे। अशोक चोरी के जेवरात बेचने में भी मदद करता था। पुलिस अब अशोक को रिमांड पर लेने की तैयारी में है, ताकि खरीदारों तक पहुंचा जा सके।

 
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गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। शिकायतें बढ़ने के बाद मुखबिरों की मदद से चारों महिलाओं को पकड़ा गया। इनके अन्य साथियों की तलाश जारी है। गैंग की महिलाओं की पहचान करना आसान नहीं था क्योंकि वे रोजाना भेष बदलकर निकलतीं थीं। कई बार छोटे बच्चों को भी साथ रखतीं थीं ताकि किसी को शक न हो: जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी नार्थ
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