प्राइवेट बस में लोड था खजूर, ब्रेड वाले वाहन में लदी थी खराब मिठाई
खजूर में सैकेरीन, मिठाइयों में अखाद्य रंगाें के प्रयोग के चलते हुई कार्रवाई
खजूर और मिठाइयों की पैकिंग पर निर्माता का नाम व पता, खराब होने की तारीख नहीं थी अंकित
गोरखपुर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने शुक्रवार को दो बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 क्विंटल संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की। इनका सैंपल जांच के लिए भिजवाया। पहली कार्रवाई नौसड़ स्थित प्राइवेट बस स्टॉप पर की गई, जहां दिल्ली से लाया गया पांच क्विंटल खराब खजूर पकड़ा गया।
दूसरी कार्रवाई गोरखनाथ क्षेत्र में हुई, जहां एक डिलीवरी वैन में ब्रेड के पैकेट के बीच 10 क्विंटल खराब मिठाई और नमकीन छिपाकर रखा गया था। ये सारा माल दिवाली के बाजार में खपाने की तैयारी थी।
विभाग को खबर मिली थी कि दिल्ली से मिलावटी खाद्य सामग्री प्राइवेट बसों के जरिये गोरखपुर भेजी जा रही है। सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. सुधीर कुमार सिंह की अगुवाई में फूड इंस्पेक्टरों की टीम ने नौसड़ बस स्टॉप पर जांच शुरू की। इस दौरान एक बस की डिकी में रखे खजूर के डिब्बे मिले। इन पर एफएसएसएआई नंबर, निर्माण तिथि और पैकिंग विवरण, खराब होने की तिथि आदि सूचनाएं दर्ज नहीं थीं।
प्राथमिक जांच में खजूर की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई। बताया जा रहा है कि खराब टीम ने मौके से 50 से अधिक डिब्बे खजूर जब्त किए। सभी नमूने जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की एक अन्य टीम ने मुख्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन त्रिपाठी के नेतृत्व में गोरखनाथ क्षेत्र में छापा मारा। इस दौरान एक डिलीवरी वैन में ब्रेड के बक्सों के बीच छिपाई गई खराब गुणवत्ता वाली मिठाई और नमकीन बरामद किया गया। मौके पर मौजूद तीन व्यक्तियों से पूछताछ कर मिठाई व नमकीन के नमूने लिए गए और शेष खाद्य सामग्री जब्त कर ली गई। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई जा रही है।
सहायक आयुक्त ने बताया कि दोनों मामलों में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जांच की जा रही है। दोनों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर अन्य कार्रवाई होगी।