-शारदा विश्वविद्यालय में बीडीएस छात्रा के आत्महत्या का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय में बीडीएस छात्रा की आत्महत्या से जुड़े मामले में मृतका के परिजन सोमवार को सूरजपुर स्थित कोर्ट पहुंचे। यहां कोर्ट के आदेश पर पिता रमेश जांगड़ा के सामने ही मृतका के आईपैड, लैपटॉप और मोबाइल को खोला गया। हादसे के बाद पुलिस की ओर से इसे कब्जे में लेकर सील कर दिया गया है।
बता दें कि 18 जुलाई की रात को बीडीएस छात्रा ज्योति शर्मा ने छात्रावास के अपने कमरे में आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, डीन समेत छह नामजद और अज्ञात पर आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मामले में दो प्रोफेसरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जिन्हें पिछले माह अदालत से जमानत मिल चुकी है। मृतका के पिता का कहना है कि मामले की जांच नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस के बजाए एसआईटी या सीबीआई से कराई जा सके।
विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से अबतक अपनी आंतरिक जांच उन्हें नहीं सौंपी गई है। पूछने पर बताया जाता है कि रिपोर्ट को नहीं दिया जाएगा। जबकि इस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट को सौंपा जा चुका है। इस रिपोर्ट को अब जिला अदालत की मदद से हासिल करेंगे। पुलिस की ओर से घटना के बाद मृतका के आईपैड, लैपटॉप और मोबाइल के कब्जे में लिया गया था। इसमें कई अहम साक्ष्य हैं। इसलिए इसे अदालत के आदेश पर ही इसे खोलने की मांग की थी। अदालत के आदेश पर वह सोमवार को सुबह ग्रेटर नोएडा पहुंचे। पिता का कहना है कि लैपटॉप और मोबाइल से कई अहम सबूत मिल सकते हैं। इन्हें अब फॉरेसिंक जांच के लिए भेजा जाएगा। मंगलवार को पुनः ग्रेटर नोएडा में जांच में सहयोग के लिए पहुंचेंगे।