परचेजबल के बाद प्रीमियम परचेजबल एफएआर भी लाने की तैयारी
-जिले के तीनों प्राधिकरण समेत अन्य के लिए यूनिफाइड बिल्डिंग रेगुलेशन 2026 का ड्राफ्ट जारी, इनवेस्ट यूपी ने आपत्ति सुझाव मांगे
-आवास और शहरी नियोजन विभाग की तरह इमारतों की ऊंचाई बढ़ाने के लिए एफएआर नियमों में बड़ी छूट दी गई, निवेश बढ़ाने पर जोर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले के तीनों प्राधिकरण नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना में आने वाले दिनों में इमारतों की ऊंचाई और भी बढ़ सकती है। इनवेस्ट यूपी विभाग इन तीनों प्राधिकरण समेत प्रदेश के सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण के लिए यूनिफाइड बिल्डिंग रेगुलेशन-2026 लाने की तैयारी में है। इसका ड्रॉफ्ट जारी हो गया है। इसमें क्रय योग्य (परचेजबल) एफएआर के बाद प्रीमियम परचेजबल एफआर का भी विकल्प दिया गया है। इस तरह भुगतान पर एफएआर खरीद इमारत की ऊंचाई बढ़ाने की छूट होगी। ड्रॉफ्ट पर इनवेस्ट यूपी ने आपत्ति सुझाव मांगे हैं।
ड्राफ्ट के लागू होने से अलग-अलग प्राधिकरणों के बजाए सभी औद्योगिक प्राधिकरण में एक समान बिल्डिंग बायलॉज लागू होंगे। निर्माण मंजूरी की प्रक्रिया को सरल और तेज किया जा सकेगा। इसके साथ ही बिल्डिंग रेगुलेशन में ई-चार्जिंग का बुनियादी ढांचा मजबूत किए जाने पर जोर दिया गया है। भवन निर्माण संबंधी 126 परिभाषाएं भी स्पष्ट कर दी गई हैं।
नोएडा में औद्योगिक और आईटी प्लॉट पर प्रभावी एफएआर: नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में मौजूदा समय में औद्योगिक प्लॉट पर एफएआर 1 से लेकर 1.5 तक है। मानक यह हैं कि 1 हजार वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर एफएआर 1.5, 1 से 12 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले प्लॉट पर 1.3, 12 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्रफल वाले प्लॉट का एफएआर 1 रहता है। वहीं फ्लैटेड फैक्ट्री के लिए एफएआर 1.4 तय है। वहीं आईटी प्लॉट पर एफएआर 2.5 है। मेट्रो रूट के आस-पास प्लॉट होने पर .5 एफएआर अतिरिक्त मिलता है।
यह होता है एफएआर और क्रय योग्य (परचेजबल) एफएआर: एफएआर मतलब फ्लोर एरिया रेशियो। जब भी किसी जमीन का आवंटन होता है तो उसका एफएआर आवंटी को प्राधिकरण देता है। उदाहरण के तौर पर अगर आवंटी को 100 वर्ग मीटर का प्लॉट प्राधिकरण ने दिया और प्लॉट का एफएआर दो हैं तो आवंटी को उस प्लॉट पर 200 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया का निर्माण करवाने की मंजूरी है। निर्माण में मंजिल के हिसाब से अगर वह दो मंजिल का बनवाएगा तो 100-100 वर्ग मीटर के दो फ्लोर बनवा सकेगा। अगर आगे और सेटबैक छोड़कर 4 मंजिल बनवाना चाहता है तो 50-50 वर्ग मीटर की 4 मंजिल बनवा सकता है।
अवस्थापना सुविधाओं पर पड़ेगा असर : एफएआर बढ़ाए जाने के बाद निर्माण और होगा। मतलब यह कि औद्योगिक प्लॉट पर औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी। कामगारों की संख्या, पानी, बिजली की मांग बढ़ेगी। इसके साथ ही पार्किंग की जरूरत भी होगी।