सिरिंज मामले के बीच दो अधिकारियों की तनातनी आई सामने
-वर्तमान सीएमएस ने पूर्व सीएमएस को कमरा खाली करने का जारी किया नोटिस
-अस्पताल में चर्चाएं तेज, सिरिंज मामले के बाद बढ़ता दिख रहा विवाद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिला अस्पताल में इन दिनों जानवरों की सिरिंज मांगने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और अस्पताल प्रशासन इस प्रकरण को छिपाने का प्रयास कर रहा है। इसी बीच पूर्व सीएमएस और वर्तमान सीएमएस के बीच पहले से चल रही तनातनी भी सामने आ गई है। अस्पताल की सीएमएस ने पूर्व सीएमएस (वरिष्ठ महिला फिजिशियन) से सीएमएस का कमरा खाली करने का नोटिस जारी किया है। जबकि पूर्व सीएमएस का रिटायरमेंट जून में हो गया था और वर्तमान सीएमएस की ओर से 9 महीने से कमरा खाली करवाने के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में अस्पताल का स्टाफ इस विषय को सिरिंज मामले से जोड़कर देख रहे हैं।
दरअसल, सिरिंज वाला मामला सामने आने के बाद से अस्पताल में यह चर्चाएं शुरू हो गई थीं कि पूर्व अधिकारियों की ओर से इस खबर को तूल दिया गया है। अब अस्पताल प्रशासन की ओर से पूर्व सीएमएस का कमरा खाली करवाने जैसा कार्य किए जाने पर सभी के मन में सवाल उठने लगा कि सिरिंज वाला मामला सामने आने के बाद ही यह प्रक्रिया क्यों अपनाई गई। जबकि पूर्व सीएमएस का रिटायरमेंट जून माह में हो गया था और वर्तमान सीएमएस ने भी कार्यभार ग्रहण कर लिया था। वहीं, दूसरी ओर पूर्व सीएमएस भी कमरा खाली करने के पक्ष में नहीं दिखाई दे रही हैं। बता दें कि जिला अस्पताल की ओर से 2 दिसंबर को एक आर्डर करके 1 लाख 20 हजार जानवरों की सिरिंज मंगाई गई थीं। हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि डिलीवरी आते ही इस बात की जानकारी मिली तो सिरिंज वापस कर दी गईं ।
- जब वह सीएमएस
थीं इसी कमरे में बैठती थीं : बता दें कि पूर्व सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल जिला अस्पताल में वरिष्ठ फिजिशियन के पद पर तैनात हैं और उन्हें ओपीडी का 35 नंबर कमरा दिया गया है। इस संबंध में जिला अस्पताल प्रबंधन ने लिखित निर्देश जारी किए हैं। अभी तक डॉ. रेनू कमरा नंबर 30 में बैठकर मरीजों को देखतीं थी। जब वह सीएमएस थीं इसी कमरे में बैठती थीं।
मरीजों के हित को देखते हुए वरिष्ठ फिजिशियन का कमरा परिवर्तित कर दिया गया है। यह अस्पताल का आंतरिक मामला है।
-डॉ. अजय राणा, सीएमएस, जिला अस्पताल
सिरिंज वाले मामले से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। कमरा बदलने से हमारा कार्य प्रभावित होगा। हमारे अंडर में डीएनबी कोर्स चलता है। मेडिकल छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। हर सप्ताह तीन क्लास होती हैं।
-डॉ. रेनू अग्रवाल, वरिष्ठ परामर्शदाता (पूर्व सीएमएस)