गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने रजिस्टर्ड वसीयत के आधार पर म्यूटेशन प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब रजिस्टर्ड वसीयत के आधार पर म्यूटेशन के लिए आवेदन करने पर वारिसान को शपथ पत्र देने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अभी तक म्यूटेशन प्रक्रिया के तहत सभी वारिसान से एनओसी या शपथ पत्र की अनिवार्यता थी।
जीडीए वीसी अतुल वत्स ने बताया कि जीडीए सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई। इस समिति में अपर सचिव, प्रभारी व्यवसायिक और विधि अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। समिति ने नियमावली का गहन अध्ययन और विचार-विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिया है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। अब म्यूटेशन के लिए लोगों को जीडीए में चक्कर नहीं लगाने होंगे। व्यवस्था के अनुसार अब रजिस्टर्ड वसीयत को संबंधित तहसील से सत्यापित किया जाएगा। म्यूटेशन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक राष्ट्रीय अखबार में आपत्ति-सुझाव के लिए सूचना प्रकाशित की जाएगी। जनता की सुविधा के लिए म्यूटेशन प्रक्रिया को समयबद्ध और सरल बनाया जाएगा।