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मनोज भाटी एनकाउंटर: दो दशकों से था आतंक का पर्याय, कई संगीन वारदातों में आरोपी, ऐसे पुलिस को देता रहा चकमा

Mon, 30 Jan 2023 10:57 AM IST
पूजा त्रिपाठी जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

सार

कचहरी में 16 अगस्त को हरियाणा से पेशी पर आए हिस्ट्रीशीटर लखन की ताबड़तोड़ गोली बरसाकर हत्या करने वाले एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मनोज भाटी को हापुड़ पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया।
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मनोज भाटी एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
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हापुड़ कचहरी में कचहरी में 16 अगस्त को हरियाणा से पेशी पर आए हिस्ट्रीशीटर लखन की ताबड़तोड़ गोली बरसाकर हत्या करने वाले एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मनोज भाटी को हापुड़ पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। नगला नैनसुख गांव का मनोज भाटी दो दशक से अधिक समय से अपराध कर रहा था। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2002 में सबसे पहले जारचा थाने में हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया था। इसके बाद जारचा पुलिस ने मनोज को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

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आरोपी के खिलाफ दादरी थाने में गुंडा एक्ट का केस दर्ज किया गया। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद वह कुख्यात हो गया। उसने वर्ष 2003 में बिसरख कोतवाली क्षेत्र में लूट की वारदात को अंजाम दिया। फरीदाबाद में जानलेवा हमला किया और फिर लूट की वारदात को अंजाम दिया।

इसी वर्ष आरोपी ने सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में लूट व हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद आरोपी लगातार रंगदारी, जानलेवा हमला, लूट व हत्या की वारदात को अंजाम देता रहा। आरोपी मनोज नगला की फरीदाबाद में कई रिश्तेदारी हैं।
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आरोपी जिले में वारदात करने के बाद फरीदाबाद में जाकर छिप जाता था और वहां भी वारदात करता था। आरोपी को जनवरी 2020 में एसटीएफ और सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस दौरान आरोपी ने सिपाही को गोली भी मारी थी।

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दिसंबर में कोट गांव आया था मनोज

हापुड़ के एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि मनोज नगला दादरी के लुहारली टोल से बिना टैक्स दिए वाहन निकलवाने के लिए धमकी देता था। इसके अलावा कुछ लोगों को रंगदारी के लिए भी धमकाता था। आरोपी दिसंबर माह में ऐसे ही किसी मामले को लेकर लुहारली टोल के पास कोट गांव में भी पहुंचा था।

टोल मैनेजर पर हुआ था जानलेवा हमला

नवंबर में बीटा-2 थाना क्षेत्र में लुहारली टोल के मैनेजर पर जानलेवा हुआ था। उस दौरान भी टोल से बिना टैक्स दिए वाहन निकालने से रोकने पर हमले की बात सामने आई थी। इस घटना के अगले दिन भाजपा के ग्रेटर नोएडा मंडल अध्यक्ष महेश शर्मा पर पिस्टल तानकर कार्यकर्ता सिंगा पंडित पर दिनदहाड़े जानलेवा हमला किया गया।
 

नरेश भाटी से मांगा था रोजगार, सुंदर भाटी पर किया था हमला

नरेश भाटी और सुंदर भाटी पहले एक साथ काम करते थे लेकिन बाद में ट्रांसपोर्ट आदि के ठेके को लेकर दोनों में विवाद हो गया। नरेश भाटी बाद में जिला पंचायत अध्यक्ष भी बना था। नरेश भाटी से मनोज नगला के परिवार की रिश्तेदारी थी। इसके चलते वह नरेश भाटी से किसी कंपनी में नौकरी की मांग करने पहुंचा था, लेकिन वह नौकरी के बजाय जरायम के दलदल में फंस गया।

नरेश भाटी गिरोह के इशारे पर मनोज नगला ने साहिबाबाद में आयोजित शादी समारोह में 18 नवंबर 2011 को सुंदर भाटी पर हमला किया गया था। इसमें मनोज मुख्यारोपी रहा था। इसके बाद पेशी पर ले जाने के दौरान भी सुंदर भाटी पर दादरी रेलवे स्टेशन के पास दिनदहाड़े हमले में मनोज का नाम आया था।

इसी तरह वर्ष 2013 में नगला नैनसुख गांव के ही नंदू उर्फ रावण की हापुड़ कचहरी में पेशी पर लाने के दौरान हत्या के मामले में भी मनोज के शामिल होने का संदेह पुलिस जताती रही है।

वहीं, अशोक भाटी उर्फ राका की हापुड़ में पेशी के दौरान हत्या की गई थी और लोनी के पास अनिल दुजाना गैंग का शूटर रहे अमित झुम्मनपुरा को गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया था। इनमें भी मनोज नगला का नाम आता रहा है। करीब दो दशक तक अपराध की दुनिया में शूटर रहने के साथ वह पुलिस को बार-बार चकमा देता रहा था।

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आठ माह में ग्रेनो का तीसरा बदमाश पड़ोसी जिले की पुलिस से मुठभेड़ में हुआ ढेर

आठ माह के भीतर ग्रेनो का रहने वाला तीसरा बदमाश दादरी के नगला नैनसुख गांव निवासी मनोज भाटी उर्फ मनोज नगला भी पड़ोसी जिले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारा गया। इससे पहले 28 मई को गाजियाबाद पुलिस ने बादलपुर थाना क्षेत्र के दुजाना गांव के बिल्लू दुजाना व राकेश दुजाना को मुठभेड़ में मार गिराया था।

तीनों बदमाशों ने जिले में भी संगीन वारदातों को अंजाम दिया है। ऐसे में पड़ोसी जिलों की पुलिस के कारनामे से गौतमबुद्ध नगर जिले में बदमाशों का आतंक कम हुआ है। हापुड़ में मुठभेड़ में मारा गया मनोज नगला दो दशक से सुपारी लेकर वारदातों को अंजाम देने के अलावा रंगदारी भी वसूलता था। आरोपी लुहारली टोल से बिना टैक्स दिए मालवाहक वाहनों को निकलवाने के लिए भी धमकियां दे रहा था। इसके अलावा विवादित संपत्तियों को लेकर भी धमकियां देता था।
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