यमुनानगर। रादौर के खेड़ी लक्खा सिंह में 26 दिसंबर 2024 को हुए तिहरे हत्याकांड में गुरुग्राम एसटीएम की टीम रोहतक के भौंड़सी जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गैंगस्टर वीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ काला राणा को मंगलवार को यमुनानगर कोर्ट में लेकर पहुंची। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
आमजन के साथ-साथ मीडिया की भी कोर्ट में एंट्री बंद कर दी गई। एसटीएफ और लोकल पुलिस ने काला राणा को चारों तरफ से घेरे रखा। कोर्ट में पेश करने के बाद राणा को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लेने के बाद एसटीएफ करनाल के लिए रवाना हो गई, लेकिन मीडिया से कोई जानकारी साझा नहीं की गई।
रादौर थानाक्षेत्र के खेड़ी लक्खा सिंह चौकी के पास 26 दिसंबर 2024 को सुबह आठ बजे शूटरों ने शराब कारोबार से जुड़े तीन युवकों पर फायरिंग की थी। बदमाशों ने करीब 80 राउंड फायरिंग की थी। इसमें भाजपा नेता नरेंद्र राणा के चचेरे भाई गोलनी निवासी वीरेंद्र राणा व उत्तर प्रदेश के जिला शामली के गांव मखमूलपुर निवासी पंकज मलिक की हत्या कर दी थी। उन्हेड़ी निवासी अर्जुन को भी नौ गोलियां लगने पर डॉक्टरों ने चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया था। वहां पंकज का तीन दिन उपचार चला, डॉक्टर पंकज को बचा नहीं सके थे। घटना के अगले दिन इस हत्याकांड की लॉरेंस ग्रुप के नोनी राणा ने सोशल मीडिया पर डाल कर जिम्मेदारी ली थी।