सेक्टर-58 कोतवाली पुलिस ने डेबिट कार्ड स्कैन और बदलकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चारों की पहचान बस्ती निवासी जयप्रकाश, महाराजगंज निवासी अरमान और मालदह पश्चिम बंगाल निवासी टिटू और पौड़ी गढ़वाल निवासी नीरज के रूप में हुई है।
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गिरोह का सरगना गोरखपुर निवासी हुसैन और उसका भाई सनी फरार है। इनके पास से 42 डेबिट कार्ड, 41 फर्जी आधार कार्ड, 13 मोबाइल फोन, 9 चेकबुक, 4 पासबुक और एक स्कैनर मशीन बरामद हुआ है। अरोपियों ने एनसीआर में भी अपना ठिकाना बना रखा था।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि गिरोह के कुछ बदमाश डिलीवरी बॉय का काम करते थे। डिलीवरी देते वक्त स्कैनर मशीन के जरिए डेबिट/ क्रेडिट कार्ड और पिन को स्कैन कर लेते थे। बाद में इस डाटा की मदद से खाते से पैसे निकाल लेते थे।
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एक डेबिट कार्ड चुराने पर देता था 8 हजार कमीशन
गिरोह का सरगना हुसैन एक डेबिट कार्ड चुराने पर 8 हजार रुपये का कमीशन देता था। कमीशन के लालच में उसके साथी ज्यादा कार्ड चुराने के फिराक में जुटे रहते थे। एडीसीपी ने बताया गिरोह के बदमाश उत्तराखंड में भी धोखाधड़ी करके कार्ड चुरा लेते थे।
गोवा में भी था घर, वारदात के बाद करता था पार्टी : सरगना हुसैन बीकॉम पास हैं। उसका गोरखपुर के साथ ही गोवा में भी घर हैं। हुसैन वारदात के बाद गोवा चला जाता था। वहां जमकर पार्टी करता था। इंस्टाग्राम पर उसके 4 हजार फॉलोअर हैं। उसके इंस्टाग्राम पर नाइट पार्टी करने के कई वीडियो हैं।
36 लाख ट्रांसफर हुए खाते से एक साल में
आरोपी जयप्रकाश का खाता सेक्टर-18 स्थित एक बैंक में है। उसमें एक साल में करीब 36 लाख रुपये ट्रांसफर हुए हैं। जांच में पता चला है कि जयप्रकाश ने चार अलग-अलग पतों पर अपना आधार कार्ड बना रखा है।