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Noida News: एटीएम से कैश चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश

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- कोतवाली एक्सप्रेस वे पुलिस ने सरगना समेत तीन बदमाशों को किया गिरफ्तार
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- मास्टर चाबी से एटीएम खोल फाइबर प्लेट लगाकर रोकते थे कैश

-व्यापार में घाटा होने पर इंस्टाग्राम पर रील देखकर आया आइडिया
माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। इंस्टाग्राम पर रील्स देखकर एटीएम से कैश चुराने वाले एक गिरोह का नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली एक्सप्रेसवे पुलिस ने सरगना समेत तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ये बदमाश मास्टर चाबी से एटीएम खोल वी आकार की फाइबर प्लेट लगाकर ग्राहकों की रकम को मशीन में फंसाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से रेकी में इस्तेमाल होने वाली कार, नौ मोबाइल, नकदी, मास्टर चाबी और दस्तावेज समेत अन्य सामान बरामद किया है।

नोएडा जोन के डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि कोतवाली एक्सप्रेस वे पुलिस की टीम एटीएम से कैश चुराने वाले बदमाशों के पीछे लगी थी। पुलिस की टीम ने मंगलवार को गिरोह के सरगना और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान बुलंदशहर के खुर्जा निवासी रोहित डंग व बीनस डंग और सहारनपुर सदर निवासी वैभव बत्रा के रूप में हुई है। 32 वर्षीय वैभव गिरोह का सरगना है। तीनों ने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की है। पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह में शामिल सभी तकनीकी रूप से मजबूत हैं।
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तीनों का बंटा हुआ था काम
और सभी का काम बंटा हुआ था। बीनस का काम उन एटीएम बूथों का पता करना था, जहां सिक्योरिटी गार्ड नहीं रहते हैं। वहीं वैभव और रोहित का काम बूथ के अंदर जाकर मशीन खोलकर फाइबर प्लेट फिट करने और उसमें फंसे रुपये को बाहर निकालने का था। इन बदमाशों ने कुछ दिन पहले वाजिदपुर स्थित एक एटीएम बूथ के अंदर इसी तरह की घटना की थी। आरोपियों ने अबतक 30 से अधिक वारदात नोएडा समेत अन्य शहरों में की है।

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ऐसा था वारदात करने का तरीका

पूछताछ में पता चला कि तीनों बदमाश पहले एटीएम बूथ में जाकर मास्टर चाबी से एटीएम मशीन में नीचे लगे गेट का ढक्कन खोलते थे। इसके बाद कैश निकलने वाले स्थान पर फाइबर प्लेट लगाकर बाहर निकल जाते थे। जब बूथ में जाकर कोई कैश निकालने का प्रयास करता था तब कैश बाहर नहीं आता था। जबकि ट्रांजैक्शन हो जाता था। दो से तीन बार प्रयास करने के बाद रुपये निकालने के लिए आया व्यक्ति परेशान होकर वहां से चला जाता था। इसके बाद बाहर खड़े बदमाश एटीएम बूथ के अंदर जाकर मास्टर चाबी से मशीन का एक हिस्सा खोलकर फंसे हुए पैसे निकाल लेते थे।



क्रॉकरी के कारोबार में नुकसान होने पर बनाया गैंग

इस गिरोह का सरगना वैभव ने कुछ साल पहले खुर्जा में क्रॉकरी का कारोबार शुरु किया था। शुरुआत में कारोबार ठीक चला लेकिन बाद में नुकसान हो गया तो कई लोगों से कर्ज लेना पड़ गया। इसके बाद वह नोएडा आ गया। यहां उसने इंस्टाग्राम पर विभिन्न रील देखकर एटीएम बूथ के अंदर से पैसे चोरी करने का तरीका सीखा और पूर्व रूम पार्टनर रोहित से संपर्क किया और उसे योजना की जानकारी दी। बीनस का भी दोनों को साथ मिल गया।
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तीनों का अलग अलग हिस्सा

एटीएम से कैश चुराने के बाद तीनों के बीच रकम का बंटवारा होता था। इसके तहत सरगना वैभव को 50 फीसदी हिस्सा मिलता था। जबकि रोहित को 30 और बीनस को 20 फीसदी रकम मिलता था। रोहित कैब चालक है। उसके पास खुद की कार है। वैभव और रोहित बचपन के दोस्त हैं।
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